Kanpur में नितीश भारद्वाज बोले- योगी जी संन्यासी हैं, गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करें

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कानपुर में महाभारत सीरियल में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नितीश भारद्वाज पहुंचे।

कानपुर में महाभारत सीरियल में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नितीश भारद्वाज ने कहा कि योगी जी संन्यासी हैं, गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करें। शिक्षा नीति में पाठ्यक्रम में प्रमुख गीता श्लोक शामिल किया जाए।

कानपुर, [महेश शर्मा]। श्रीमद्भगवत गीता का हर घर में पाठ कराने और उसे पाठ्यक्रम में शामिल कराने की मुहिम में लगे महाभारत टीवी सीरियल के श्रीकृष्ण नीतीश भारद्वाज दो दिन से कानपुर में हैं। शनिवार को चक्रव्यूह नाटक का मंचन के बाद रविवार को ग्रीन पार्क में आयोजित सामूहिक गीतापाठ कार्यक्रम में वह शामिल हुए।

उन्होंने अमृत विचार से विशेष बातचीत की। कहा कि सरकार को श्रीमद्भगवत गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। केंद्र में भाजपा की सरकार है ऐसे में अब देरी नहीं होनी चाहिए। पेश है बातचीत के अंश…

अंतर्राष्ट्रीय लोकप्रियता के बाद भी श्रीमद्भवतगीता को अब तक राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित नहीं किया जा सका। आखिर क्यों ?

- मैं तो चाहता हूं कि गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कर दिया जाए। केंद्र में भाजपाा की पूर्ण बहुमत की सरकार है। जब मैं सांसद था तो संसद से बाहर मंचों पर बराबर यह मांग दोहराता रहता था। अब नहीं तो फिर कब? कोई कानूनी पेचीदगी भी नहीं है। बिखरे हुए हिंदुओं का विलय, कुरुक्षेत्र बना देश की समस्याओं का हल श्रीमद्भगवतगीता में ही तो है।

वाल्मीकि रामायण नहीं, तुलसी का रामचरित मानस घर-घर की पुस्तक बन गयी है। फिर गीता यह स्थान क्यों नहीं पा सकी?

- श्रीमद्भगवतगीता संस्कृत में है। विभिन्न विद्वानों (नाम लेते हुए) ने इसकी व्याख्या की है। संस्कृतनिष्ठ होने के कारण इसकी ग्राह्यता में लोगों को कठिनाई होती होगी। मेरी राय में संत ज्ञानेश्वर ने मराठी में व्याख्या की है जिसका हिंदी अनुवाद जल्द आ रहा है। मुझे लगता है कि लोग इसे घरों पर रखेंगे और पाठ करेंगे।

कुछ राज्यों की सरकारों ने गीता के प्रमुख श्लोकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया है। क्या यूपी जैसे बड़े प्रदेश को आगे नहीं आना चाहिए ?

- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो खुद संन्यासी हैं। वो निश्चित रूप से गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में कुछ न कुछ कर रहे होंगे। मेरा विश्वास है कि यूपी में माध्यमिक, स्नातक, तकनीकी और चिकित्सा छात्रों के पाठ्यक्रम में गीता के चुनींदा श्लोक शामिल किए जाएंगे।

केंद्र सरकार की नयी शिक्षा नीति में शामिल होनी चाहिए थी ?

 - बिल्कुल। सीबीएसई व अन्य केंद्रीय विद्यालयों के पाठ्यक्रम में तो होना ही चाहिए था। नयी शिक्षा नीति में यह प्रावधान यदि नहीं है तो किया जाना चाहिए। आज के संदर्भ में श्रीमद्भगवतगीता की शिक्षा में उपयोगिता अनिवार्य से रूप से होनी चाहिए।

आप खुद पहल क्यों नहीं करते? चक्रव्यूह नाटक को सराहा जा रहा है। क्या फिल्में भी हाथ आजमाएंगे?

- जी मैं फिल्म बना रहा हूं। उसकी स्क्रिप्ट लिखी है। मैंने लेखन कार्य के लिए खुद को 40 दिनों तक एक कमरे में बंद कर लिया था। स्क्रिप्ट पूरी हो गयी है। कथा सामाजिक माहौल की है। धार्मिक विषय नहीं लिया है।

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