लखीमपुर-खीरी: एएसपी के आदेशों को हवा में उड़ा गए सदर कोतवाल, ठंडे बस्ते में डाली जांच
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। एएसपी का आदेश शहर कोतवाल के लिए कितना मायने रखता है। इसका अंदाजा पुलिस अधीक्षक के नाम लिखा पत्र कोतवाली सदर के कूड़े के ढेर में मिलने के मामले से लगाया जा सकता है। एएसपी के आदेश के सात महीने बाद भी जांच का कोई अता-पता नहीं है। पुलिस अधिकारी भी कुछ साफ तौर पर नहीं बता पा रहे हैं। ऐसे में जांच हुई भी या नहीं, इसको लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
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सदर कोतवाली के बाहर हनुमान मंदिर की तरफ लगे कूड़े के ढेर पर 31 मई 2022 को पड़े एक लेटर पैड पर कुछ लोगों की नजर पड़ी। जब लोगों ने उसे उठाकर देखा तो वह केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी का लेटर पैड निकला। बकायदा उसमें पत्रांक संख्या 115-14-05-22 पड़ा था। यह लेटर पैड पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित था। लेटर पैड में ओयल के मोतीपुर में स्थापित किए गए नए 200 शैय्या वाले मातृ शिशु चिकित्सालय में सुरक्षा के लिए पुलिस पिकेट स्थापित करने को कहा गया था।
इस पत्र को एएसपी अरुण कुमार सिंह ने 24 मई की तारीख में प्रभारी निरीक्षक को आदेशित कर डाक पैड से कोतवाली भेजा था। कूड़े के ढेर पर मिले केंद्रीय मंत्री के लेटर पैड के बाद सदर कोतवाली पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे थे। उस वक्त भी प्रभारी निरीक्षक सदर चंद्रशेखर सिंह कुछ भी बोलने से बच रहे थे।
एसपी संजीव सुमन ने सीओ सिटी को प्रकरण की जांच कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन शहर कोतवाल ने एसपी के आदेश को भी हवा में उड़ा दिया। अमृत विचार ने जब इस मामले की पड़ताल की तो कार्रवाई अभी तक सिफर निकली। हैरत की बात तो यह है कि प्रकरण को हुए सात महीने बीत गए, लेकिन अफसरों को अभी तक यही नहीं मालूम है कि जांच हुई भी है या नहीं।
डीजी कंट्रोल रूम ने भी तलब की थी रिपोर्ट
कूड़े में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का कोतवाली को मार्क कर भेजा गया लेटर पैड कूड़े के ढेर में मिलने के मामले को डीजीपी कंट्रोल रूम ने भी संज्ञान लिया था और एसपी संजीव सुमन से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी। इससे अधिकारियों से लेकर कोतवाली पुलिस में हड़कंप मच गया था और कार्रवाई की तलवार भी पुलिस कर्मचारियों पर लटक गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले में बड़ी लापरवाही बरती। एसपी के आदेश के बाद भी प्रकरण की जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
लेटर पैड मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक सदर को सौंपी गई थी, लेकिन जांच रिपोर्ट मेरे सामने अभी तक आई नहीं है।- संदीप सिंह, सीओ सिटी
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