लखनऊ: राजधानी पुलिस है कि सुधरने का नाम नहीं लेती, केंद्रीय मंत्री के आदेश के बाद भी पीड़ित को टरकाती रही सैरपुर थाने की पुलिस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जहां योगी सरकार महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े कदम उठा रही है, वहीं राजधानी पुलिस सरकार की मंशा पर पानी फेरने में जुटी हुई है। मामला राजधानी के शैरपुर थाना क्षेत्र का है जहां कुछ दबंग युवक महिलाओं के साथ घर में घुसकर मारपीट और छेड़छाड़ की इस बात की शिकायत जब पुलिस के पास गई तो एफआईआर दर्ज करने की बजाय उन्हें थाने से भगा दिया गया। जब केंद्रीय मंत्री ने फटकार लगाई तो एफ आई आर दर्ज हुई।
चौतरफा किरकिरी होने के बाद उच्चाधिकारियों के आदेश पर आखिर सैरपुर पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायती पत्र पर एफआईआर दर्ज की ।आरोपितों के ऊंची रसूख के चलते पीड़ित को पूरे एक महीने विभागीय अधिकारियों के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर की शरण लेनी पड़ी थी।
केंद्रीय मंत्री के आदेश के बावजूद भी पुलिस ने महिला की शिकायत नहीं सुनी और पीड़ित महिला को टरकाते रहे। जिसके बाद अमृत विचार अखबार ने 27 नवम्बर के अंक में "मंत्री का आदेश बेअसर,नहीं दर्ज हो सकी एफआईआर" के शीर्षक में महिला की आवाज को प्रमुखता से उठाया था।लेकिन कुर्सी के मद में चूर सैरपुर पुलिस के कानों में जूं नहीं रेगां।
जिसके बाद पुनः 3 दिसंबर के अंक में अमृत विचार अखबार ने "महिला अपराध के प्रति सचेत नहीं सैरपुर थाना प्रभारी" के शीर्षक में महिला की आवाज उठाई।जिसका संज्ञान उच्चाधिकारियों ने लिया तो अपनी किरकिरी व विभागीय कार्यवाई से बचने के लिये 4 दिसंबर की शाम को पुलिस ने सुरेंद्र सिंह उर्फ बंटू सिंह समेत उनकी पत्नी आशा सिंह समेत लड़के सुनील सिंह पर आईपीसी की धारा 447,452,504 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज ली है।
ये है पूरा मामला
पूरा मामला कमलाबाद बढ़ौली की पीड़ित महिला इंद्रा सिंह का है। महिला का आरोप है कि 6 नवंबर को गांव के ही दबंग पट्टीदार और उसके परिवारवालों ने महिला की जमीन पर जबरन कब्जा करके बांस बल्ली बांध दी थी। विरोध करने पर दबंगों ने न सिर्फ महिला को मारा पीटा बल्कि घर में बच्चों बहू और किरायेदारों को मारा पीटा और धमकी देते हुए कहा था कि इस जमीन या चक्की पर दिखी तो जान से मारने का इंतजाम कर रखा है।
महिला का आरोप है कि घटना के बाद महिला ने सैरपुर के थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन उस पर कोई कारवाई नहीं हुई। बल्कि महिला को इंस्पेक्टर अख्तयार अहमद अंसारी ने थाने से भगा दिया था। जिसके बाद पीड़िता ने 20 नवंबर को केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। केंद्रीय मंत्री ने शिकायती पत्र में पुलिस कमिश्नर को एफआईआर दर्ज कराकर दोषियों के खिलाफ कारवाई के लिये लिखा था। बावजूद इसके थाना प्रभारी द्वारा मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
महिला की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ...अख्तयार अहमद अंसारी, प्रभारी निरीक्षक सैरपुर।
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