बरेली: गृहकर बकायेदारों के लिए ओटीएस से राहत तो सरकार को मिलेगा राजस्व
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, नगर विकास में एकमुश्त ब्याज माफी समाधान योजना लाने की मांग
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम गृहकर के बकायेदारों से जबरन चक्रवृद्धि ब्याज वसूल रहा है। नगर निगम एक्ट में चक्रवृद्धि ब्याज वसूलने का कोई नियम नहीं है, लेकिन यह व्यवस्था प्रदेश में चल रही। अकेले बरेली में ही डेढ़ लाख गृहकर दाताओं में से एक लाख से ज्यादा बकायेदारों से चक्रवृद्धि ब्याज वसूला जा रहा है।
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तमाम लोग बढ़ा बिल देखकर बकाया जमा नहीं कर रहे हैं। सरकार नगर विकास में एकमुश्त ब्याज माफी समाधान योजना (ओटीएस) लाकर जनता को राहत देने के साथ रुका हुआ अरबों रुपये का राजस्व प्राप्त कर सकती है। इससे विकास के काम में और तेजी आएगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नगर विकास में ओटीएस योजना लाकर जनता को राहत देने का पत्र भेजा है।
सांसद ने कहा कि सरकार बिजली विभाग में ओटीएस योजना ला चुकी है। इससे प्रदेश में सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। पत्र में उन्होंने कहा कि प्रदेश में 16 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद व 546 नगर पंचायत हैं। इनकी माली हालत सुधारने में संपत्ति करों की मूल बकाया एकमुश्त राशि अथवा दो किश्तों में जमा होने पर केन्द्रीय योजनाओं में निकाय अपनी मैचिंग राशि जोड़कर विकास कार्य को गति दे सकेंगे।
सांसद ने कहा कि एक मुश्त ब्याज माफी समाधान योजना लागू करने से स्थानीय निकायों को उनके मूल संपत्ति करों का कोई घाटा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एमसीडी हर साल सभी संपत्ति करों में संपूर्ण ब्याज माफ कर रही है। संपत्ति करों के भुगतान नहीं किए जाने पर मूल कर पर 12 फीसदी साधारण ब्याज के साथ वसूली का नियम है, मगर स्थानीय निकाय 12 फीसदी साधारण ब्याज पर पुन: 12 फीसदी ब्याज लगाकर बकाया रखते हैं।
इस मूल संपत्ति पर ब्याज व चक्रवृद्धि ब्याज के भार के कारण उपभोक्ता से संपत्ति करों की वसूली समय पर नहीं हो पाती है। नगर निगम टैक्स सुधार जनहित संघर्ष समिति के अध्यक्ष सतीश रोहतगी के पत्र को जनहित का बताते हुए सांसद संतोष गंगवार ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में नगर विकास विभाग में एक मुश्त ब्याजमाफी समाधान योजना लाकर प्रदेश की जनता को राहत देने की मांग की है।
दो साल पहले सरकार ने भरी थी ब्याज माफी की हामीः दो साल पहले वर्ष 2020 में शहरी भवन स्वामियों को हाउस टैक्स के एरियर में ब्याज नहीं देकर जनता को राहत देने का मसौदा तैयार हुआ था। राज्य वित्तीय संसाधन बोर्ड ने एरियर पर ब्याज न लगाने का सुझाव शासन को भेजा, जिसका परीक्षण तैयार कर लिया गया था।
मौजूदा समय लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और तत्कालीन नगर विकास के विशेष सचिव डा. इंद्रमणि त्रिपाठी ने भी कहा था कि एरियर पर ब्याज लगने से भवन स्वामी परेशान होते हैं। शीघ्र शासनादेश जारी कर एरियर पर लगने वाले ब्याज को माफ कर दिया जाएगा।
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