मेरठ में खुला 'पुलिस वाला कैफे', खाकी रंग में रंगा पुलिसकर्मियों को देता है फीलगुड
मेरठ, अमृत विचार। यूपी के मेरठ जिले की पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों के लिए बना पुलिस कैफे इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। यूपी में यह पहला पुलिस वाला कैफे है। इस प्रयोग को मेरठ से शुरू किया गया है। पुलिसवालों को अच्छा माहौल, सुकून के लिए इस कैफे को शुरू किया गया है। ताकि, पुलिसवालों को यहां आकर फीलगुड महसूस हो।
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वेस्ट मैटेरियल के उपयोग से कैफे को सजाया
पुलिस लाइन में खुले इस पुलिस कैफे की खास बात यह है कि इस कैफे को सजाने के लिए वेस्ट मैटेरियल का उपयोग किया गया है। पुराने टायरों से टेबल बनाए गए हैं। केन का फर्नीचर है। पुराने कांच को टेबल पर सजाया गया है। साथ ही कैफे की दीवारों को केन और बांस से सजाया गया है। कैफे को इको फ्रैंडली रखने के लिए यहां प्लास्टिक और डिस्पोजेबल क्रॉकरी उपयोग नहीं होती।
खाकी रंग में रंगा है कैफे
इस कैफे का नाम पुलिस कैफे रखा गया है और इसी को ध्यान में रखते हुए कैफे की सजावट भी की गई है। कैफे खाकी रंग में रंगा है। कैफे में अंदर पुलिस की हथकड़ी, हथियारों को सजाया गया है। कैफे की मेन टेबल पुलिस की पुरानी जीप के आकार में बनी है, इसमें लाइट जलती है।
नहीं लिया जाता है मुनाफा
कैफे की व्यवस्था देखने वाले पुलिसकर्मी मितेंदर ने बताया कि इस कैफे को नो प्रॉफिट, नो लॉस पर संचालित किया गया है। बाजार में चाय 10 से 15 रुपये में मिलती है। जबकि, पुलिस के कैफे में पुलिसकर्मियों को चाय सात रुपए में उपलब्ध कराई जा रही है। नाश्ते व खाने के दाम भी कम रखे गए है। ताकि पुलिसकर्मी, उनके परिवार और यहां लाइन में आने वाले आरक्षी सभी के बजट में आ सके।
कैफे में बुकिंग लेने वाली कांस्टेबल अंजू ने बताया कि यहां कैफे में मैनेजर, कुक, सफाई सभी काम पुलिसकर्मी स्वयं करते है। उनको कैफे संचालन का जिम्मा दिया गया है। कैफे के मनी काउंटर की जिम्मेदारी दो महिला कांस्टेबल की है। जो सुबह, शाम अलग-अलग शिफ्ट में यहां बैठती हैं। कैफे में पूरी तरह सेल्फ सर्विस है।
स्वास्थ्यवर्धक फूड आयटम होते है सर्व
बताया कि कैफे में केवल स्वास्थ्यवर्धक फूड आयटम ही रखे गए है। वेज सैंडविच, टोस्ट, खजूर शेक, मिल्क शेक, चाय, कॉफी, वेजिटेबल पोहा, स्प्राउट्स, आमलेट, अंडा, पराठा, कोल्ड कॉफी आदि यहां मिलते है। जंक फूड पूरी तरह कैफे में प्रतिबंधित है। साथ ही कोई पैक्ड आयटम भी नहीं मिलता। कैफेटेरिया में हाइजीन, क्वालिटी का पूरा ध्यान रखा गया है। कैफे में खाना बनाने के लिए केवल सरसों व ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल, चाय व मिठाई में चीनी के स्थान पर गुड़-शक्कर का प्रयोग, अत्यधिक चिकनाई युक्त खाना पूरी तरह प्रतिबंधित, नाश्ते, खाने में केवल स्वास्थ्यवर्द्धक आइटम्स ही उपलब्ध है।
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