रामपुर: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा उप चुनाव में पुलिस की बर्बरता का मामला
अमृत विचार, रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खां के भड़काऊ भाषण मामले में विधायकी जाने के बाद रामपुर में पांच दिसंबर को हुए उप चुनाव में पुलिस की बर्बरता और मतदाताओं को वोट डालने से रोकने के मामले में अधिवक्ता सुलेमान मोहम्मद खां ने सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस की बैंच में रिट पटीशन और पीआईएल मेंशन की है। अब इस मामले में गुरुवार की सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। उन्होंने इस मामले से चुनाव आयोग को भी आगाह कराया है।
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रामपुर विधानसभा उपचुनाव में 5 दिसंबर को मतदान के दौरान मतदाताओं को वोट डालने से रोकने की घटनाओं को बुधवार की शाम चार बजे सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के सामने रखा गया। चीफ जस्टिस ने इसे गंभीर मामला बताते हुए इसे आठ दिसंबर को उनकी कोर्ट के सामने उल्लेख (मेंशन) किए जाने की बात कही।
उप चुनाव में शहर विधानसभा सीट पर कुल 33.94 फीसदी मतदान हुआ जो अब तक का सबसे कम मतदान है। तमाम नागरिक संगठनों, वकीलों और समाजवादी पार्टी का आरोप है कि सरकार के इशारे पर पुलिस ने रामपुर के मतदाताओं को वोट नहीं डालने दिया गया। उन्हें पीटा गया उनके घरों पर पुलिस ने हमले किए। रामपुर विधानसभा उप चुनाव की मतगणना आज यानि गुरुवार को सुबह 8 बजे से नवीन मंडी स्थल पर होनी है।
मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने से लोगों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है। सपा प्रत्याशी आसिम राजा ने बताया कि यह रामपुर में हुए उप चुनाव में अधिवक्ता सुलेमान मोहम्मद खां मतदान करने रामपुर आए थे और पुलिसिया कार्रवाई को उन्होंने अपनी आंखों से देखा है। उन्होंने बताया कि इस मामले से चुनाव आयोग को भी अवगत करा दिया गया है।
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