लखनऊ : मुलायम की विरासत पर शिवपाल ने शुरू की सियासत, सपा में शामिल होकर गाड़ी में लगाया पार्टी का झंडा

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अमृत विचार, लखनऊ। मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव की मतगणना के बीच सूबे के राजनैतिक गलियारे में तब सुगबुगाहट तेज हो गई। जब प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने सपा का दामन पकड़ लिया । शिवपाल सिंह ने प्रसपा का सपा में विलय किया है। जिसके बाद शिवपाल सिंह ने अपनी गाड़ी में सपा का झंडा लगाया है। सपा में शिवपाल के शामिल होने के बाद अन्य राजनैतिक दलों को करारा झटका लगा है। समाजवादी पार्टी

की साइकिल के दो पहिए कहे जाने वाले मुयालम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव ने साल 2018 में परिवारिक मतभेदों के चलते प्रसपा का गठन कर यूपी की सियासत में नई राह चुन ली थी। हालांकि, 2019 के विधानसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव के सामन शिवपाल सिंह ने प्रसपा का उम्मीदवार उतारने में साफ मना कर दिया था।

नेताजी के निधन के बाद प्रसपा ने सपा उम्मीदवार डिम्पल यादव को भरपूर समर्थन दिया। जिसके परिणामस्वरूप मैनपुरी लोकसभा सीट सपा के खेमे में सुरक्षित हो गई। हालांकि, भाजपा लगातार मैनपुरी लोकसभा सीट पर कमल खिलाने के दावे कर रही थी, लेकिन भाजपा के हाथ से मैनपुरी सीट कोसों दूर निकल गई। जीत के बिगुल के बीच शिवपाल सिंह यादव ने प्रसपा का सपा में विलय का ऐलान करते ही अपनी गाड़ी में सपा का झंडा लगा दिया।

हालांकि, इस ऐलान के बाद से राजनैतिक गलियारे के समीकरण बिगड़ने लगे। मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव से पहले शिवपाल सिंह यादव में साफ कर दिया था कि केवल नेताजी ही नहीं बल्कि नेता जी की कर्मभूमि से सियासत नहीं करेंगे। मगर उपचुनाव में शिवपाल सिंह का मुलायम प्रेम लोगों के सामने मतगणना और प्रसपा के विलय में रुप में दिखाई पड़ा। एक बार फिर मुलायम की विरासत पर शिवपाल ने सियासत करेंगे।

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