Christmas 2022: क्रिसमस के लिए दुल्हन की तरह सज रही LLJM Methodist Church, पढ़ें- इस वर्ष क्या होने वाला है खास

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Edited By Amrit Vichar
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Christmas 2022 कानपुर में क्रिसमस के उपलब्क्ष पर सजने लगे चर्च।

Christmas 2022 कानपुर में क्रिसमस के उपलब्ध पर एलएलजेएम मेथोडिस्ट चर्च दुल्हन की तरह सजने लगा है। चर्च के पादरी ने बताया कि जीवन साथी की चाह में प्रार्थना करने कई युवा आते हैं। शादी की मुराद पूरी होने के बाद पहले बच्चे को लेकर कपल आते हैं।

कानपुर, अमृत विचार। Christmas 2022 109 साल पुरानी एलएलजेएम मेथोडिस्ट चर्च को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। रंगबिरंगी झालरें, खूबसूरत लाइटें, फूल, गुलदस्ते लगाए जा रहे हैं। रविवार से क्रिसमस तक इस खूबसूरत चर्च में खुशियां बांटी जाएंगी। हर परिवार के सुख के लिए प्रार्थना की जाएगी।

क्रिसमस ट्री तैयार होगी और सांता के गिफ्ट को पाकर बच्चे खूब खिलखिलाएंगे। कई बड़ों को भी प्रोत्साहित कर ईनाम दिया जाएगा। कैंडेलाइट का आयोजन होगा।

वर्ष 1914 में बनी इस चर्च को लेकर बड़ी मान्यता है। मान्यता है कि इस चर्च में युवा अपनी शादी के सपने को लेकर पहुंचता है। वह तीन महीने लगातार प्रार्थना करता तो उसकी मुराद पूरी हो जाती है। उसके बाद कपल तीन साल के अंदर अपने पहले बच्चे को लेकर यहां आते हैं।

उसके बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य के लिए प्रार्थना करते हैं। एक वर्ष में सौ से ज्यादा शादियां इस चर्च में होती हैं। 25 दिसंबर यानि सबसे बड़े दिन से पहले से ही इस चर्च में कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। इस बार भी रविवार को गरीब लोगों को ईनाम के रूप में खुशियां बांटी जाएंगी। प्रार्थना के बाद आयोजन होगा।

उसके बाद प्रार्थना सभाएं तो होंगी ही, साथ ही अन्य कार्यक्रम भी होंगे। 16 दिसंबर को कैंडेडलाइट का आयोजन होगा। क्रिसमस ट्री तैयार होगा, सांता क्लाज बच्चों को गिफ्ट देंगे। अच्छे कामों, पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जाएगा।

ये भी जानें

नींव रखने से पहले याद आता है पत्थर

- कानपुर में विकास के नाम से कोई निर्माण कार्य शुरू होता है तो चर्च की बाहरी सीढ़ियों से सटा हुआ पत्थर उसमें अहम भूमिका निभाता है। पादरी बताते हैं कि चर्च में एक ऐसा स्टेंडर्ड पॉइंट है, जिससे समुद्र की सतह से ऊंचाई नापी जाती है। फोरलेन और मेट्रो निर्माण से पहले इंजीनियर भी आए थे।

इमारत को साधे है ‘मास्टर चाभी’

- बताया जाता है कि चर्च में एक मास्टर-की (चाभी) की तरह मास्टर ईंट है। जिसका इस्तेमाल किया गया है। बताते हैं कि यदि वह इस ईमारत से निकाल दी जाये तो पूरी इमारत भरभरा कर गिर जायेगी। पादरी कहते हैं कि इसे देखने देश-विदेश से सैकड़ों लोग आते हैं।

धर्म नहीं मन बदलना चाहिए

- चर्च के पादरी जेजे ओलिवर कहते हैं कि चर्च में बाइबिल की शिक्षा दी जाती है, क्रिसमस, गुड फ्राइडे, ईस्टर विशेष प्रार्थना सभा प्रवचन होते हैं। प्रार्थना को आने वाले सभी को धर्म बदलने नहीं, मन बदलने की शिक्षा दी जाती है। क्योंकि सोच बदलेगी, तभी वास्तविक सुधार होगा।

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