कानपुर: हंसते-हंसते कट जायें रस्ते…पर सदन में लगे ठहाके, महापौर Pramila Pandey ने वापस की सरकारी गाड़ी
Kanpur News: कानपुर नगर निगम में मंगलवार को सदन का माहौल अलग सा दिखा। महापौर ने गाने गाये तो पार्षद भी उनकी धुन में रम गये।
कानपुर, अमृत विचार। नगर निकाय चुनाव से पहले महापौर प्रमिला पांडेय द्वारा नगर निगम सदन में रखे गये विदाई समारोह पर पार्षद दो फाड़ नजर आये। कई वरिष्ठ पार्षदों ने इसका विरोध किया और शामिल नहीं हुये। महापौर ने भी सदन से अपनी गलती स्वीकारी और कहा कि मुझे पार्षदों के लिए मिलन समारोह रखना चाहिये। गलती से विदाई हो गया। हालांकि, सदन में शामिल हुये पार्षदों और महापौर विदाई के रंग में दिखे। महापौर ने जहां मंच पर आसीन रहते हंसते-हंसते कट जाएं रस्ते गाना गाया तो वरिष्ठ पार्षद कमल शुक्ल बेबी ने भी चलते चलते मेरे यह गीत याद रखना कभी अलविदा न कहना…. गीत गुनगुनाया जिसपर सदन में जमकर तालियां बजीं। इस दौरान कुछ महिला पार्षद भावुक भी दिखीं।
महापौर प्रमिला पांडेय ने कार्यकाल खत्म होने से पहले मंगलवार को पार्षदों को सदन में मिलने बुलाया था। विदाई समारोह का नाम सुनकर कई पार्षदों ने इसका विरोध किया और शामिल नहीं हुये। सदन में 60 से ज्यादा पार्षद पहुंचे। तय समय से आधा घंटा देरी से शुरू हुए कार्यक्रम में महापौर ने कहा कि हमने हर वार्ड में ज्यादा से ज्यादा काम कराने का प्रयास किया। जिस पार्षद ने बोला मेरे यहां काम नहीं हुआ मैं वहां पहुंची और काम कराया। यह नहीं देखा की कौन किस पार्टी का है। महापौर ने कहा कि चाहते तो सभी हैं कि एक बार फिर हम लोग इस सदन में चुनकर आयें। लेकिन जैसा पार्टी और जनता चाहेगी वह होगा। पार्टी जिसे भी प्रत्याशी बनायेगी उसका पूर्ण समर्थन करेंगे और जिस कुर्सी पर आज मैं बैठी हूं यहां बैठाने का काम करेंगे। इसदौरान महापौर, पार्षदों ने गाने गाये जिसपर सदन में जमकर ठहाके लगे।
अधिकारी बड़े बदमाश थे…
महापौर ने कहा कि अधिकारी बहुत बदमाश थे, लेकिन क्या करें काम तो इन्हीं से कराना है। अब पांच साल निकल गए सब ठीक है सभी अच्छे हैं। यह तो आते-जाते रहेंगे लेकिन हमारा तो यहीं नारा गढ़ा है। कहा कि कुछ आईएसएस अधिकारी ऐसे भी होते हैं जो यहां से चले जाते हैं फिर भी याद रखते हैं मिल जायें तो सम्मान करते हैं। इस दौरान महापौर ने नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन का भी शुक्रिया अदा किया।

सदन के अंदर रो पड़ी महिला पार्षद
सदन के अंदर कई महिला पार्षद रो पड़ी। वार्ड 27 नानकारी से पार्षद निर्मला मिश्रा, पार्षद मेनिका सेंगर, नमिता मिश्रा समेत कई पार्षद एक दूसरे को देखकर भावुक हो गईं। वार्डों का आरक्षण बदलने से कई पार्षद इस बार चुनाव नहीं लड़ सकेंगी। जिसका दर्द सदन में साफ देखा गया। एक दूसरे को गले लगकर विदाई दी। इसदौरान वार्ड 43 से पार्षद राज किशोर यादव पत्नी रेनू व बच्चे के साथ सदन में पहुंचे।
नगर निगम ने कहा नहीं खत्म हुआ कार्यकाल
विदाई समारोह को लेकर नगर निगम ने कहा है कि अभी कार्यकाल खत्म नहीं हुआ है। कहा कि नियम के अनुसार निकायों के कार्यावधि की गणना शपथ ग्रहण के बाद हुई प्रथम बैठक की तिथि से की जायेगी। चूंकि, सदन के महापौर और पार्षदो का शपथ ग्रहण समारोह 12.12.2017 को हुआ था और 23.01.2018 को सदन की प्रथम बैठक हुई थी। इसी दिन से कार्यकाल जोड़ा जायेगा।
