मुरादाबाद : रिश्वतखोर चकबंदी विभाग का बाबू गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने तीन हजार रुपए लेते हुए पकड़ा
एंटी करप्शन की टीम ने सीओ चकबंदी के कार्यालय से आरोपी को दबोचा, खारिज दाखिल के नाम पर बाबू ने की धनउगाही
मुरादाबाद,अमृत विचार। चकबंदी विभाग का एक बाबू बुधवार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी बाबू को सीओ चकबंदी कार्यालय में तब दबोचा, जब वह पीड़ित से तीन हजार रुपए की उगाही कर रहा था। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लिपिक के खिलाफ सिविल लाइन थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन, मुरादाबाद के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार सिंह के मुताबिक कांठ थाना क्षेत्र में पाइंदापुर गांव के रहने वाले प्रमोद कुमार पुत्र ऋषिपाल सिंह ने तहरीर दी। बताया कि दान पत्र योजना के तहत पिता ने उनके नाम कुछ भूखंड दान किया। दान की हुई भूमि अपने नाम दर्ज कराने की कवायद में वह कचहरी स्थित सीओ चकबंदी कार्यालय पहुंचे। वहां प्रमोद की मुलाकात चकबंदी आफिस के कलर्क यशवंत सिंह निवासी मोहल्ला शिव विहार ज्वाला नगर, जिला रामपुर से हुई।
दान की गई भूमि पर प्रमोद का नाम चढ़ाने के एवज में चकबंदी बाबू ने रिश्वत के रूप में प्रमोद से 10 हजार रुपए की मांग की। आठ दिसंबर को प्रमोद ने पांच सौ रुपए चकबंदी बाबू को देते हुए रकम कम करने की गुहार लगाई। अंततः रिश्वत की रकम तीन हजार रुपए तय हुई। बाबू के बर्ताव से आहत प्रमोद मंगलवार को कांठ रोड स्थित एंटी करप्शन कार्यालय पहुंचा। आपबीती बताते हुए पीड़ित ने आरोपी बाबू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। तत्परता दिखाते हुए एंटी करप्शन की टीम ने डीएम से अनुमति ली।
जिलाधिकारी के आदेश पर नियुक्त दो गवाहों की मौजूदगी में बुधवार को एंटीकरप्शन टीम ने रिश्वत लेते बाबू को सीओ चकबंदी कार्यालय में दबोच लिया। रिश्वतखोर बाबू को पकड़ कर सिविल लाइन थाने लाया गया। यहां टीम ने आरोपी बाबू का हाथ धुलवाया। आरोपी के हाथ से लाल रंग का वह पानी गिर रहा था, जो उसके भ्रष्टाचार में लिप्त होने की गवाही दे रहा था। एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी बाबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
ये भी पढ़ें : मुरादाबाद : चुनाव न होने पर प्रशासकों के हवाले होंगे नगर निकाय
