बहराइच: प्राइमरी स्कूल के नन्हे-मुन्ने ढ़ोते नजर आए स्कूल के मिड-डे मील का बोरा

Amrit Vichar Network
Edited By Ankit Yadav
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अमृत विचार, विशेश्वरगंज (बहराइच)। नन्हे-मुन्ने बच्चों को उनके माता-पिता स्कूल पढ़ने के लिए भेजते हैं, लेकिन बहराइच जिले के विकासखंड विशेश्वरगंज क्षेत्र के एक प्राइमरी स्कूल में नन्हे-मुन्ने छात्र बुधवार को स्कूल में मिड डे मील बनने के लिए चावल भरा बोरा ढोते नजर आए। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि बोरा ढो रहे छात्र हाफ रहे हैं। लेकिन वहीं इस मामले में जिम्मेदार लोग अपना किनारा कस रहे हैं।

जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में हर घर तक साक्षरता की ज्योति जलाना चाहती है। इसके लिए नई-नई योजनाएं संचालित की जा रही है लेकिन वहीं दूसरी ओर विशेश्वरगंज के ग्राम सभा कंछर में बना प्राथमिक विद्यालय बडानापुर शिक्षा व्यवस्था को पलीता लगाते नजर आ रहा है। दरअसल, बुधवार को स्कूल के आधा दर्जन नन्हे-मुन्ने छात्र 50 किलो के चावल का बोरा टांग कर स्कूल की ओर ले जाते दिखाई दिए। वहीं गांव के लोगों ने बताया कि ग्राम प्रधान स्कूल से 200 मीटर की दूरी पर मिड डे मील का अनाज रखवा देते हैं। वहीं से प्रतिदिन छात्र अनाज को ढो कर स्कूल पहुंचाते हैं।

50 किलो के चावल का बोरा सोचकर आम आदमी भी सिहर उठता है, लेकिन स्कूल के जिम्मेदार शिक्षकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। हकीकत वीडियो में साफ दिख रही है। बेहद हैरान और शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी विशेश्वरगंज से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी का मोबाइल नॉट रिचेबल बताता रहा। गांव के लोगों की बात माने तो यह इत्तेफाक एक दिन की बात नहीं अमूमन देखने को मिलता है। इसके अलावा जब इस मामले में जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी से बात करने का प्रयास किया गया तो उनके मोबाइल पर घंटी बजती रही लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।

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