बरेली: डॉ. केशव अग्रवाल ने अनलॉक-3 के लिए मुख्यमंत्री को भेजे सुझाव
बरेली, अमृत विचार। सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. केशव कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अनलॉक-3 की गाइडलाइन के लिए सुझाव दिए हैं। डॉ. केशव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के प्रेषित सुझावों में कहा कि कन्टेनमेंट जोन की परिभाषा बदलनी चाहिए। कन्टेनमेंट जोन केवल संक्रमित व्यक्ति का घर …
बरेली, अमृत विचार। सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. केशव कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अनलॉक-3 की गाइडलाइन के लिए सुझाव दिए हैं।
डॉ. केशव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के प्रेषित सुझावों में कहा कि कन्टेनमेंट जोन की परिभाषा बदलनी चाहिए। कन्टेनमेंट जोन केवल संक्रमित व्यक्ति का घर होना चाहिए। एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने पर 100 मीटर के इलाके को सील न किया जाए। इससे कोरोना संक्रमित लोग अपनी बीमारी छिपाते हैं ताकि इलाके के लोग उसकी उपेक्षा न करें। इससे उस क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियों पर भी प्रभाव नहीं पड़ेगा। यदि 100 मीटर का क्षेत्र सील न किया जाए तो वह पुलिस बल बाज़ारों और मंडियों में भीड़ कम करने और सामाजिक दूरी बनाए रखने में लगाया जा सकेगा।
डॉ. केशव ने कहा कि सरकारी व मुफ्त टेस्टिंग केवल सिम्पटोमेटिक मरीजों की कराई जाए। इससे सरकारी व्यवस्था पर भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और सभी जरूरतमंदों की टेस्टिंग हो सकेगी। उन्होंने कहा दिल्ली में एन्टीबॉडी टेस्ट से पता चला है कि लगभग एक चौथाई आबादी को एन्टीबॉडीज है। उनको कोरोना संक्रमण हुआ और बिना पता चले ठीक भी हो गया। उत्तर प्रदेश में भी सभी व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करा दी जाएं। केवल सामाजिक दूरी व मास्क ही अनिवार्य हो।
डॉ. केशव ने कहा कि बिना लक्षण या हल्के लक्षण वाले व्यक्तियों के लिये एक ट्रीटमेन्ट प्रोटोकॉल सरकार की तरफ से घोषित किया जाए। इस तरह प्रदेश की जनता भ्रमित नहीं होगी और घर पर रहकर ही लोग अपना इलाज स्वंय कर सकेंगे। साथ ही इससे कोविड अस्पतालों में भीड़ भी नहीं बढ़ेगी।
डॉ. केशव ने कहा कि कोरोना के नाम पर दिया जाना वाला सरकार का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। कान्टेक्ट ट्रेसिंग के नाम पर अब कोई कार्य नहीं हो रहा है। ऐसे में घर-घर जाकर कान्टेक्ट ट्रेसिंग बंद कर देनी चाहिए। इससे सरकार के पैसे की बचत होगी। यह पैसा कोरोना संक्रमितों के इलाज या वेंटीलेटरों की खरीद में काम आ सकेगा।
