CM भूपेश ने की गौरव दिवस पर 2300 करोड़ की तीन अहम योजनाओं की घोषणा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर आयोजित गौरव दिवस पर ’स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट आईटीआई योजना’ के लिए 1200 करोड़ रूपए, सभी शालाओं, छात्रावासों, आश्रमों, शासकीय भवनों के रख रखाव और उन्नयन के लिए एक हजार करोड़ रूपए तथा मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना के तहत 100 करोड़ देने की घोषणा की। बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह घोषणाएं की।

ये भी पढ़ें - छत्तीसगढ़: मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की ग्रामीण की हत्या 

उन्होने ’मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा’ की घोषणा करते हुए इस योजना के लिए 100 करोड़ रूपए, सभी शालाओं, छात्रावासों, आश्रमों, शासकीय भवनों के रख रखाव और उन्नयन के लिए एक हजार करोड़ रूपए और तकनीकी शिक्षा के स्तर में सुधार हेतु औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के उन्नयन के लिए ’स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट आईटीआई योजना’ की घोषणा करते हुए इस योजना के लिए 1200 करोड़ रूपए देने की घोषणा की।

उन्होने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ गौरव दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के साथ छत्तीसगढ़िया संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। हमारे अन्नदाता खुशहाल हैं। स्वावलंबी बन रही महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक है। यह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

 बघेल ने कहा कि हमारे पुरखों ने विकसित, समृद्ध और खुशहाल छत्तीसगढ़ का सपना देखा था। आज यह सपना साकार हो रहा है। श्री बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने सीधे मंत्रालय जाकर 19 लाख किसानों के लगभग 11 हजार करोड़ रूपए की ऋण माफी और 2500 रूपए में धान खरीदी का फैसला लिया।

इस फैसले के साथ ही न्याय का जो सफर प्रारंभ हुआ था वह आज भी जारी है। उन्होने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वावलंबी गांवों का सपना देखा था उनकी परिकल्पना का अनुसरण करते हुए सुराजी गांव योजना प्रारंभ की। गांवों को उत्पादन का केन्द्र बनाने और शहरों को वाणिज्य और व्यापार का केन्द्र बनाने की शुरूआत हुई।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 9000 से अधिक गौठानों में हजारों महिलाएं गोबर खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने सहित अनेक आजीविका मूलक गतिविधियों में संलग्न है। इससे उनकी आय बढ़ी है और वे स्वावलंबी बनी है। गौठानों में तैयार की गई लगभग 20 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खेतों में पहुंची। राज्य सरकार के आव्हान पर हजारों हजार किसानों ने मवेशियों के लिए पैरादान किया। गौठानों के माध्यम से ग्लोबल वार्मिंग कम करने, कार्बन उत्सर्जन कम करने छत्तीसगढ़ का छोटा सा योगदान है।

 बघेल ने कार्यक्रम के दौरान नवा रायपुर में 4.86 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले संत शिरोमणी गुरू घासीदास बाबा स्मारक एवं संग्रहालय का भूमिपूजन किया। इस कार्य के साथ उन्होंने 33.96 करोड़ रूपए की लागत के 14 कार्यो का भूमिपूजन-लोकार्पण किया। जिनमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अनेक कन्या एवं बालक छात्रावास-आश्रमों के कार्य शामिल हैं।

 बघेल ने इस अवसर पर राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित ’न्याय के चार साल’ और न्याय के रास्ते-सबके वास्ते’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्य सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

ये भी पढ़ें - CM भूपेश ने बाबा गुरू घासीदास जयंती पर दी प्रदेशवासियों को बधाई