बरेली: निजी स्कूलों की फीस बढ़ोत्तरी से अभिभावकों की जेब पर पड़ेगा असर

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। निजी स्कूल संगठन अगले शैक्षिक सत्र 2023 में शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। शुल्क बढ़ोत्तरी की जानकारी से अभिभावकों ने अभी से इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। संगठन के निर्णय के मुताबिक करीब 12 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि की जाएगी । हालांकि संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक यह एक शुल्क बढ़ोत्तरी की अधिकतम सीमा निर्धारित है। बच्चों की शिक्षा के लिए अभिभावकों पर आर्थिक भार न पड़े, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा।

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अभिभावकों की जेब पर बढ़ेगा भार
वर्तमान में करीब 1500 रुपये मासिक के हिसाब से बच्चे के स्कूल का शुल्क वहन करते हैं। इसके अतिरिक्त प्रवेश शुल्क, ड्रेस, किताब आदि का भी भार है। ऐसे में 12 प्रतिशत शुल्क की बढ़ोत्तरी करना उचित नहीं।- विशाल शर्मा, अभिभावक

कोरोना काल में बच्चों की शिक्षा के साथ लोगों के व्यापार व रोजगार पर बहुत असर पड़ा है। अभी तक लोग खुद उभारने की कोशिश कर रहे हैं । स्कूलों का शुल्क बढ़ाया जाना उचित कदम नहीं है।-मूल चंद्र प्रजापति, अभिभावक

शुल्क वृद्धि से 30 दिन पूर्व समिति को सूचित किए बगैर कोई स्कूल शुल्क बढ़ोत्तरी नहीं कर सकता। इसके लिए अभिभावकों की फीस बढ़ोत्तरी की शिकायत पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति जांच कर उचित कार्रवाई करेगी।-अंकुर किशोर सक्सेना, अभिभावक प्रतिनिधि, जिला शुल्क समिति

स्कूलों में 12 प्रतिशत से कम होगी शुल्क बढ़ोत्तरी
2 प्रतिशत अधिकतम सीमा से कम शुल्क वृद्धि होनी है। बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो और अभिभावकों की समस्या को देखते हुए शुल्क बढ़ाया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश स्तर पर संगठन की ओर से लिया गया है। निर्भय बेनिवाल, सचिव, इंडिपेंडेंट स्कूल्स एसोसिएशन

नियमानुसार शुल्क बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया गया है, लेकिन अभिभावकों की आर्थिक समस्याओं को देखते हुए 10 प्रतिशत से भी कम शुल्क बढ़ोत्तरी की जाएगी।- सौरभ कुमार अग्रवाल, प्रबंधक, माधवराव सिंधिया पब्लिक स्कूल

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