रायबरेली: नाले की सफाई न होने से टूटा तटबंध, 70 बीघे गेंहू की फसल डूबी
अमृत विचार, बछरावां (रायबरेली)। क्षेत्र के तौली व उचौरी गांव की सरहद पर स्थित नाले ने किसानों की फसल पर कहर बरपा दिया है। नाले की सफाई न होने से तटबंध टूट गया। जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया है ।खेतों में पानी भरने से गेहूं की पूरी फसल डूब गई है। विकास क्षेत्र बछरावां व शिवगढ़ की सीमा पर उचौरी गांव के पास स्थित नाले की सफाई वर्षों से नही कराई गई। जिससे नाला कूड़ा करकट से पट गया।
इसी नाले से उचौरी माइनर व तौली माइनर का पानी किसानों के खेतों से होते हुए लोनार झील तक जाता है । सोमवार रात माइनर में पानी भरने से नाला उफनाने आने लगा। तेज बहाव के साथ पानी किसानों के खेतों में भरने लगा। कुछ ही घंटों में दर्जनों किसानों कि लगभग 70 बीघे गेहूं की फसल जलमग्न हो गई।
मंगलवार सुबह खेतों पर पहुंचे किसानों ने घटना की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर नही पहुँचे। फिर किसानों की मशक्कत के दौर चला। कड़ी मेहनत के बाद किसानों ने पुलाल व मिट्टी से कुलाबा बांध कर पानी रोका।
विभागीय अधिकारियों के ढुलमुल रवैये को लेकर किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसान गयाबक्श सिंह, रामफेर, लाल बहादुर, रामस्वरूप, लक्ष्मण, रामस्वरूप, विजई, सुंदरा, शिवरानी, सीतलादेवी, शीतल, शिवरानी ने बताया कि खेतों में पानी भर जाने से फसल बर्बाद हो जाएगी।
सूचना के बाद भी किसी विभागीय अधिकारी ने समस्या की ओर ध्यान नही दिया। किसानो को खुद ही पानी को रोकने का प्रयास करना पड़ा। तब जाकर समस्या से निजात मिली है ।तहसीलदार अनिल पाठक ने बताया कि मामले की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। राजस्व टीम को भेजकर किसानों के नुकसान का जायजा लिया जाएगा है।
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