मेरठ: तिहरे हत्याकांड में महिला और दो बेटों को आजीवन कारावास, 40-40 हजार रुपये जुर्माना
मेरठ, अमृत विचार। मेरठ के सोतीगंज निवासी शहाबुद्दीन, उनके पुत्र जाकिर, ताहिर की हत्या में 13 साल परिजनों को कोर्ट से न्याय मिला। वहीं परिजनों ने आजीवन कारावास की जगह आरोपियों को फांसी की सजा की मांग करते हुए कोर्ट के फैसले का सम्मान किया।2009 में तिहरा हत्याकांड हुआ था।
अनवरी पत्नी मरहूम मिजाज व उनके दो बेटे सुजाउद्दीन, जियाउद्दीन को बृहस्पतिवार को न्यायालय ने आजीवन कारावास और 40-40 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। पीड़ित परिवार ने बताया कि तीनों आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी। न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट नंबर-2 ओमबीर सिंह ने तिहरे हत्याकांड में तीन आरोपियों को मंगलवार को दोषी करार दिया था। 27 नवंबर, 2009 को सदर थाना क्षेत्र के सोतीगंज में शहाबुद्दीन, उनके पुत्र जाकिर और ताहिर की हत्या हुई थी।
मिजाज की बेटी जीनत का रिश्ता रिश्तेदार जाकिर से कराया था। जीनत को मिर्गी के दौर पड़ते थे। जाकिर की मां सुरैया को जब इस बात की भनक लगी तो उसने रिश्ता तोड़ दिया था। रिश्ता टूटने के बाद से ही मिजाज रिश्तेदार शहाबुद्दीन से रंजिश रखने लगा था। मिजाज, अनवरी, सुजाउद्दीन, जियाउद्दीन और दो नाबालिग ने धारदार हथियार से तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। आरोपी मिजाज की जेल में मौत हो चुकी है।
मिजाज के दो बेटे नाबालिग होने के कारण उनका परीक्षण किशोर न्यायालय में चला था। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अनिल बख्शी और विनोद काजीपुर ने बताया कि किशोर न्यायालय से दोनों आरोपियों को 16 दिसंबर, 2022 को दोषी पाते हुए 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी गई।
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