Kanpur कमिश्नरेट पुलिस क्राइम कंट्रोल करने में हो रही नाकाम, सचेंडी में SBI बैंक में चोरी, पुलिस कमिश्नर घटनास्थल पर पहुंचे

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Edited By Amrit Vichar
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Kanpur के सचेंडी थाना क्षेत्र में एसबीआई बैंक में चोरी।

कमिश्नरेट पुलिस इन दिनों क्राइम कंट्रोल करने में नाकाम साबित हो रही है। सचेंडी में चोरों ने एसबीआई बैंक से लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस कमिश्नर, डीसीपी वेस्ट समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे है।

कानपुर, अमृत विचार। कमिश्नरेट पुलिस इन दिनों क्राइम कंट्रोल करने में नाकाम साबित हो रही है। बीते गुरुवार को चौबेपुर, कल्याणपुर और गोविंद नगर में तीन हत्याओं से शहर थर्रा उठा था। इधर, पुलिस किसी भी घटना का खुलासा नहीं कर पाई थी कि शुक्रवार को चोरों ने सचेंडी में एक बैंक में चोरी की वारदात कर पुलिस को खुली चुनौती दी है।

सचेंडी थानाक्षेत्र अंतर्गत भौती शाखा के स्टेट बैंक आफ इंडिया बैंक में चोरों ने सेंधमारी करके स्ट्रांग रूम के लॉकर में रखे 1.812 किलो सोना पार कर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। वारदात की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। चोरों द्वारा बैंक के पिछले हिस्से से आठ फीट लंबी और चार फीट चौड़ी सुरंग बनाई गई जो सीधे स्ट्रांग रूम में जाकर निकली।

पुलिस का अनुमान है कि ड्रिल मशीन से सीमेंटेड फर्श तोड़कर चोर अंदर घुसे। इसके बाद लॉकर को गैस कटर से काटकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि चोरों द्वारा पार किया गया गोल्ड लोन लेने वाले 29 ग्राहकों का था। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 

घटना की सूचना पर पुलिस कमिश्रनर बीपी जोगदंड, डीसीपी पश्चिम विजय ढुल और अन्य आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना की बारीकी से जांच के लिए मौके पर डॉग स्कावयड और फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए।

पुलिस की जांच में अब तक सामने आया है कि स्ट्रांग रूम का अलार्म नहीं बजा, सीसीटीवी कैमरे भी खराब बताए जा रहे हैं। स्टेट बैंक के ब्रांच मैनेजर नीरज राय ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार सुबह बैंक स्टाफ काम पर पहुंचा तो चोरी का पता चला। बताया कि बैंक के पिछले हिस्से में आबादी नहीं है। रात में बैंक के पीछे चोर पहुंचे है। दीवार पुरानी बनी थी। आसानी से टूट गई, इसके बाद सुरंग खोदी गई। कहा कि सटीक रैकी करके ही घटना को अंजाम दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों को बताया कि यहां दो सेफ रखी हुईं थी। एक में गोल्ड व एक में 35 लाख रुपये कैश रखा हुआ था। लेकिन कैश को हाथ नहीं लगाया गया। नीरज राय ने बताया कि बैंक में करीब 15 दिनों से ऑडिट चल रहा था। इसके चलते रात करीब 11 बजे तक ऑडिट टीम और कुछ बैंक कर्मचारी रहते थे।

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