Christmas 2022 : यीशु के जन्म से जश्न में झूमे भक्त, 12 बजते ही मैरी क्रिसमस बोल एक दूसरे को दी बधाई, दुल्हन की तरह सजे चर्च
Christmas 2022 कानपुर में यीशु के जन्म से जश्म में झूमे भक्त।
Christmas 2022 कानपुर में रात 12 बजते ही मैरी क्रिसमस बोल कर एक दूसरे को भक्तों ने बधाई दी है। वहीं, दुल्हन की तरह चर्च सजे नजर आए है। रात में जागकर भक्तों ने यीशु के लिए गीत गाए है।
कानपुर, अमृत विचार। Christmas 2022 शहर के मेथोडिस्ट, क्राइस्ट सहित कई चर्चों में मध्य रात्रि में बजी घंटी से मिली सूचना के बाद ईसाई धर्मावलंबी प्रभु यीशु के जन्म की खुशी से सराबोर हो उठे। कई दिनों से तैयारियां कर रहें ईसाई धर्मावलंबियों को पर्व की खुशी ने उत्साह से भर दिया। ईसाई धर्म को मानने वालों ने मिलकर व फोन आदि माध्यमों से एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी।
शहर के चर्चों में काफी संख्या में ईसाई धर्मावलंबी शामिल हुए और प्रभु यीशु से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पहले प्रभु यीशु की मूर्ति को अगरबत्ती से आरती उतारा गया। पूजा के क्रम में जैसे ही 12 बजे चर्च की घंटी बजी, वहां मौजूद लोग खुशी से झूम उठे। मौजूद लोग एक-दूसरे को पर्व की बधाई देनी शुरू कर दी।
शनिवार की शाम में ही रंग-बिरंगी रोशनी में नहाए शहर के सभी चर्चों में पूरे जश्न का माहौल रहा। शहर के सिविल लाइंस स्थित मैथोडिस्ट चर्च, बड़ा बाजार स्थित क्राइस्ट चर्च, सीएनआई ऑफ चर्च ग्वालटोली, चर्च ऑफ गॉड गोविंद नगर, न्यू लाइट चर्च श्याम नगर, सेंट थामस चर्च किदवई नगर, सेंट फ्रांसिस चर्च अशोक नगर आदि को रंग बिरंगी लाइटों, फूलों और गुब्बारों से सजाया गया।
देर रात 11 बजे से ही चर्चों में ईसाई धर्म के लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। रात में चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं। वहीं, ईसाई समुदाय के लोगों ने अपने घरों में प्रभु यीशु का स्मरण किया। मसीहियों ने प्रभु यीशु के जन्म का स्वागत किया। चर्च में माता मरियम की पूजा हुई और कैंडल जलाए। बच्चों ने चर्च में गीत गाए, जिसमें महिलाओं ने भी साथ दिया।
रात में प्रभु यीशु के जन्म के साथ चर्च में जश्न शुरू हो गया। केक काट कर लोगों ने एक-दूसरे को 'मैरी क्रिसमस कहा। चर्च में रात करीब साढ़े ग्यारह बजे बजे प्रार्थना सभा हुई। इसकी अगुवाई फादर ने की। उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि प्रभु यीशु का जन्म प्रत्येक लोगों के लिए है। ईश्वर मनुष्य बना और हमारे बीच रहा। क्रिसमस ईश्वरीय प्रेम, शांति, एकता, विनम्रता एवं सांसारिक पवित्रता का प्रतीक है।
