वरुण गांधी के ट्विटर प्रोफाइल से हटा बीजेपी का उल्लेख, कांग्रेस में शुरू चर्चाओं का बाजार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

वरुण गांधी के 3 जनवरी से शुरू हो रही भारत जोड़ो यात्रा में जुड़ने की भी चर्चा रही.

अमृत विचार , लखनऊ। पीलीभीत सांसद वरूण गांधी को लेकर कांग्रेस की तरफ पॉजिटिव रिएक्शन आने लगे हैं। ऐसे में कांग्रेस नेताओं का यह भी कहना है कि अगर वरूण गांधी पार्टी में आते हैं, तो उनका खुले दिल से स्वागत हैं। कयास लगा जा रहे है कि वरूण गांधी आगामी 03 जनवरी से शुरू हो रही भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ खड़े हो सकते हैं। पार्टी से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि, वरुण गांधी के ट्विटर प्रोफाइल से बीजेपी का उल्लेख हटाने के बाद से उनकी कांग्रेस के नजदीक आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। जबकि एक्सपर्ट का कहना है कि वरुण गांधी ने अपने ट्विटर प्रोफाइल से भाजपा का उल्लेख पहले भी हटा चुके हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह के मुताबिक, 'वरुण गांधी बीजेपी के सम्मानित नेता है। वह पीलीभीत से सांसद है। समय-समय पर वरूण गांधी किसानों की आवाज बनकर उनकी समस्याओं के सभी मुद्दे भी उठाते रहे हैं। बताया कि 'वरुण गांधी ने अपने ट्विटर हैंडल से भाजपा का उल्लेख हटा दिया है। वह कहीं ना कहीं भाजपा में घुटन महसूस कर रहे हैं. हम जोड़ने की बात करते हैं वह जिस दल में हैं वह तोड़ने की बात करती है. जात और मजहब की बात करती है. वरुण गांधी अगर कांग्रेस में आते हैं तो उनका स्वागत है'

गौरतलब है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 3 जनवरी को गाजियाबाद में लोनी बार्डर से प्रवेश करेगी। जहां 9 राज्य एवं देश की राजधानी, केन्द्र शासित राज्य दिल्ली लगभग 2800 किलोमीटर की यात्रा पूरी हो चुकी है, इसी क्रम में भारत जोड़ो यात्रा आगामी 3 जनवरी को उत्तर प्रदेश की जनता भव्य स्वागत हेतु तैयार है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता कृष्णकांत पाण्डेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी विपक्षी दलों के नेताओं को इस यात्रा में सम्मिलित होने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस द्वारा आमंत्रित किया जा रहा है।

 बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव, विधायक एवं पूर्व मंत्री शिवपाल यादव, राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं सांसद जयंत चौधरी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष  ओमप्रकाश राजभर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ( सीपीआई ) के राष्ट्रीय सचिव अतुल अंजान, सतीश चन्द्र मिश्र सहित तमाम विपक्षी दलों के नेताओं को निमंत्रण भेजा जा रहा है। उन्होने बताया कि विपक्ष को संसद में बोलने नहीं दिया जाता। ऐसे में देशवासियों के मन की बात को जानने के लिए यात्रा ही एक मात्र विकल्प है। सम्पूर्ण विपक्ष का भी लगभग इस सरकार के प्रति एक जैसा ही नज़रिया है इसलिए यात्रा में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित किया गया है।

यह भी पढ़ें:-लखनऊ : मथुरा की शाही मस्जिद के सर्वे का फैसला संविधान विरोधी- शाहनवाज़ आलम

 

संबंधित समाचार