बरेली: स्वर्ण पदक पाने वालों में 83 फीसदी छात्राएं, दीक्षांत कल

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महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्व विद्यालय में होने बाले दीक्षान्त समारोह की तैयारियां परखते कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह

बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह गुरुवार को बहुउद्देशीय भवन में आयोजित किया जाएगा। मंगलवार को कुलपति प्रो केपी सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित बहुउद्देशीय भवन और अन्य स्थानों पर निरीक्षण कर तैयारियां परखीं।

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दीक्षांत समारोह में अब 84 टॉपर्स को पदक दिए जाएंगे। इनमें 70 छात्राएं और 14 छात्र हैं। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक रहेंगी। विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सबसे अधिक पदक कला संकाय में मिल रहे हैं, इसमें 21 छात्राएं और चार छात्र हैं।

विज्ञान संकाय के 18 छात्र और 3 छात्राएं, वाणिज्य में 1 छात्र व पांच छात्राएं, अनप्रयुक्त विज्ञान संकाय में पांच छात्राएं व एक छात्र, अभियांत्रिकी में 8 छात्राएं व दो छात्र, उन्नत सामाजिक विज्ञान में 2 छात्राएं, शिक्षा एवम संबद्ध संकाय में चार छात्राएं, शिक्षा संकाय में एक छात्रा, चिकित्सा संकाय में एक छात्र व एक छात्रा, प्रबंधन संकाय में एक छात्र व तीन छात्राएं और विधि संकाय में एक छात्र व दो छात्राएं शामिल हैं।

चुनौती मूल्यांकन के बाद यह दो टॉपर बदलीं
चुनौती मूल्यांकन के परिणाम के बाद दो टॉपर्स बदल गई हैं। अब ड्राइंग एंड पेंटिंग (चित्रकला) में 84.38 प्रतिशत अंक के साथ पूजा बाजपेई, साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय और एमए भूगोल में 76.40 प्रतिशत अंक के साथ निधि शर्मा, बरेली कॉलेज बरेली टॉपर बन गई हैं। इससे पूर्व एमए भूगोल में जवाहर लाल लोधी डिग्री कॉलेज आंवला की छात्रा वारिशा फिरदोश 765 अंक के साथ टॉपर थीं। चुनौती मूल्यांकन के बाद निधि के 802 अंक हो गए हैं।

निधि के 764 अंक थे, मूल्यांकन में 18 अंक बढ़े लेकिन दो साल के औसत से 36 अंक बढ़ गए। ड्राइंग एंड पेंटिंग में प्रांशी हंस, जवाहर लाल लोधी महाविद्यालय मुरादाबाद, 684 अंक के साथ टॉपर थीं लेकिन अब पूजा बाजपेयी 690 अंक के साथ टॉपर हो गई हैं। पूजा के चुनौती मूल्यांकन में 7 अंक बढ़े लेकिन दो वर्ष के औसत से 14 अंक बढ़ गए।

पीएचडी उपाधि पाने वाले 63.64 प्रतिशत छात्र
पदक के अलावा 94 छात्रों को पीएचडी उपाधि भी दी जाएगी। सबसे अधिक पीएचडी कला संकाय में मिल रही हैं। विश्व विद्यालय परिसर में इस सत्र में 843 छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं, जिसमें 522 छात्र और 321 छात्राएं हैं।

अगले सत्र से लागू होगा 10 से कम वाला नियम
विश्वविद्यालय में जिस पाठ्यक्रम में 10 से कम छात्र होंगे उसे मेडल नही दिया जाएगा। यह नियम अगले वर्ष से लागू होगा। मंगलवार को कुलपति सभागार में हुई कार्य परिषद की बैठक में प्रस्ताव का अनुमोदन हुआ। इसके अलावा भी नियमों में बदलाव होगा। कार्यपरिषद में बहुउद्देशीय सभागार का नाम अटल सभागार रखने पर सहमति बनीं। राज्यपाल इसका उद्घाटन करेंगी। इसके अलावा 94 पीएचडी उपाधि देने का भी प्रस्ताव पास हुआ।

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