लखनऊ : नौकरी लगवाने का झांसा देकर आठ लाख की ठगी

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जालसाजों ने ट्रेनिंग कराने के बाद दिया फर्जी नियुक्तिपत्र

अमृत विचार,लखनऊ। शहर में नटवरलालों लगातार तरीके बदल-बदल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) में नौकरी लगवाने के नाम पर जालसाजों ने जिम संचालक से आठ लाख रुपये की ठगी कर लिया।

आरोपियों ने छह माह तक उसे हरियाणा में ट्रेनिंग भी कराया। ट्रेनिंग के बाद उसे फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। नियुक्तिपत्र लेकर जब जिम संचालक ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा तो उसे फर्जीवाड़े का पता चला। पीड़ित की तहरीर पर 11 जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।

जानकारी अनुसार कैंट के हाता रामदास में रहने वाले संतोष सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह तेलीबाग में अपना जिम चलाते हैं। उनकी मुलाकात विकास सोनकर से हुई। जो एफसीआइ में ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए सुपरवाइजर की भर्तियां निकलने की बात बताई। वर्ष 2019 में विकास को तीन लाख रुपये दिए गए। विकास ने दिल्ली बाराखम्भा में बुलाकर अमरेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति से मिलवाया और कहा कि वह अधिकारी हैं। इंटरव्यू हुआ और ट्रेनिंग के लिए हरियाणा भेजा।

इस दौरान नीरज पांडेय, जितेंद्र और अनूप श्रीवास्वत से मुलाकात हुई। छह माह की ट्रेनिंग के बाद नियुक्तिपत्र दिया गया। इस बीच ढाई-ढाई लाख रुपये दो बार में उक्त लोगों ने लिए। ज्वाइनिंग करने पहुंचे तो पता चला कि नियुक्तिपत्र फर्जी है। फर्जीवाड़े का पता चलने पर उक्त लोगों को फोन कर विरोध किया तो वह धमकी देने लगे। रुपयों की मांग की तो लौटाने से मना कर दिया।

इसके बाद पुलिस उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। पीड़ित संतोष की तहरीर पर विकास सोनकर, अमरेंद्र सिंह समेत 11 लोगों के खिलाफ महानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। अनूप और जितेंद्र को एसटीएफ ने 18 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

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