बहराइच : विकास के नाम पर लाखों लुटाए, फिर भी सड़क बनी है तालाब
अमृत विचार, बहराइच। जनपद मुख्यालय से छह किलोमीटर की दूरी पर बसे नरहर गौड़ा गांव में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। लोगों के घरों से निकलने वाला पानी सड़क पर भरा रहता है। जिसके चलते सभी घुटनों भर से अधिक पानी के बीच आवागमन करने को विवश हैं। अधिकारी भी ग्रामीणों की इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। समस्या से हजारों लोग पीड़ित हैं।
जिले के तहसील मुख्यालय महसी के ब्लॉक तेजवापुर में एक ऐसा गांव है। यहां पर विकास के नाम पर लाखों खर्च हो गए। लेकिन ग्रामीणों की समस्या आज भी बनी हुई है। जनपद मुख्यालय से महज छह किलो मीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत नरहर गौड़ा बसा हुआ है। गांव में जल निकासी के लिए नाला नहीं है। जिससे लोगों के घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर ही बह रहा है।
बताते चलें कि गांव में भरे गंदे पानी से केवल ग्रामीणों का ही सामना नहीं होता है, बल्कि सुबह विद्यालय जाने वाले बच्चो को भी इस ठंड में नाली के गंदे पानी से जूझ कर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार गंदा पानी और कीचड़ अधिक होने से स्कूल जाते समय बच्चे गिर भी जाते है और गंदे पानी में गन्दगी व कीचड़ से सराबोर हो जाते है। फिर भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। गांव निवासी ननकऊ ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान से लेकर खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र दिया गया। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
इस मामले में एसडीएम राम दास से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जल निकासी से लोगों को दिक्कत होती है। इसकी जानकारी है। नाली निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बजट पास होते ही नाली निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। जिससे लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
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