Indian Railway : एतिहासिक छवि कायम रखते हुए आईजीआई के टी-3 टर्मिनल की तरह बनेगा सेंट्रल, यहां पढ़ें- किस तरह बदली तस्वीर

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Edited By Amrit Vichar
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Indian Railway कानपुर में अब बस सेंट्रल बन जाए टी-3 की तरह।

Indian Railway कानपुर में एतिहासिक छवि कायम रखते हुए आईजीआई के टी-3 टर्मिनल की तरह सेंट्रल बनेगा । एस्केलेटर्स, लिफ्ट के अलावा यात्रियों की सुविधाओं में काफी इजाफा हुआ है।

कानपुर, अमृत विचार। Indian Railway इस वर्ष सेंट्रल पर यात्रियों सुविधाओं में बीते वर्षों की तुलना में काफी इजाफा किया गया। एस्केलेटर्स,लिफ्ट,दिव्यांगों के लिए शौचालय,बेबी फीडिंग के लिए केबिन,प्रतीक्षालयों का अपग्रेडेशन आदि काफी कुछ सुविधाएं अपग्रेड की गईं हैं।

उम्मीद बस अब एक है कि काफी समय से विश्वस्तीय इंदिरा गांधी एयरपोर्ट (आईजीआई) के टी-3 टर्मिनल के रूप में इसको डेवलप करने का कार्य शुरू कर दिया जाए। वहीं गोविंदपुरी स्टेशन पर दिल्ली-हावड़ा रूट की कई ट्रेनों को सेट्रल से हटा कर वहां पर शिफ्ट करने की योजना अंतिम चरण में है। 

यह वर्ष रेल यात्रियों को काफी कुछ देकर जा रहा है। जहां बीते वर्षों तक सेंट्रल पर गंदगी और सुविधाओं में कमी के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब  प्लेटफार्म तक आने जाने के लिए पुल चढ़ने के लिए सीढ़ियों के बजाए लिफ्ट और एस्केलेटर्स से आराम से पहुंच सकते हैं।

इसके साथ ही नवजात शिशुओं को दूध पिलाने में महिला को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए सभी प्रतीक्षालयों में बेबी फीडिंग केबिन बना दिए गए हैं। बिना टिकट यात्रियों पर भी रेलवे का खूब डंडा चला। पिछले वर्ष की अपेक्षा में इस वर्ष टिकट चेकिंग में ज्यादा जुर्माना वसूला गया। 

इस तरह बदली तस्वीर

- अब तक सिर्फ महिला प्रतीक्षालय में ही बेबी फीडिंग केबिन था,अब वीआईपी और साधारण प्रतीक्षालय में भी यह व्यवस्था कर दी गई है। 
- प्लेटफार्म नंबर 2-3,4-5,8-9 में तीन लिफ्ट लगाईं गईं,6-7 में निर्माणाधीन हैं। 
- एस्केलेटर, घंटाघर की ओर अब तक एक लगा हुआ था,3 नए एस्केलेटर लगाए गए
- कैंट की ओर से पुल पर चढ़ने के लिए अप-डाउन एस्केलेटर का निर्माण किया जा रहा है। 
- सभी सीढ़ियों के रेनोवेशन का कार्य किया जा रहा है।
- प्रतीक्षालयों के सुंदरीकरण में इजाफा करते हुए,दिव्यांगों द्वारा बनाए गए मोहक भित्त चित्र लगाए गए
- प्रतीक्षालयों में दिव्यांगों के लिए पश्चिचिमी स्टाईल के शौचालय बनाए गए
- वन स्टेशन,वन प्रोडक्ट की तर्ज पर तीन स्टाल बनाए गए,जिसमें से एक नंबर प्लेटफार्म पर स्थित स्टाल पर देश-दुनिया में मशहूर चमड़े के उत्पाद जैसे बेल्ट,जूते,एग्जीक्यूटिव बैग आदि की ब्रिक्री की जाती है। 
- यात्रियों की दैनिक सुविधाओं के सामान जैसे साबुन,तेल,कंघी आदि चीजों के चार मल्टी पर्पज स्टाल शुरू किए गए। इसके साथ ही पुस्तक बेचने वाली कंपनी की चार ट्रालियों को भी मल्टी पर्पज स्टाल के रूप में कनवर्ट किया गया। 
- सेंट्रल पर यात्रियों की सुरक्षा में इजाफा करते हुए आरपीएफ के सीसीटीवी कंट्रोल रूम का अपग्रेडेशन के साथ ही मूविंग कैमरों में भी बढ़ोत्तरी की गई। 

सेंट्रल को मिलेंगी और वंदेभारत

प्रयागराज मंडल के अतिव्यस्त कानपुर सेंट्रल ये अगले वर्ष दो और वंदेभारत एक्सप्रेस की सौगात मिलने की उम्मीद है। इससे यहां से गुजरने वाली वीआईपी ट्रेनों की संख्या बढ़ कर 60 के करीब पहुंच जाएगी। 

गोविंदपुरी से चलेंगी ट्रेने

सेंट्रल पर ट्रेनों का लोड कम करने के लिए गोविंदपुरी स्टेशन पर दो दर्जन से अधिक ट्रेनों को ट्रांसफर किया जाएगा। हावड़ा और दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेने यहीं से शुरू होंगीं। इसका सबसे अधिक फायदा दक्षिण क्षेत्र की 20 लाख की आबादी को फायदा मिलेगा। 

रीडेवलपमेंट प्लान पर जल्द लेगा मूर्तरूप 

सेंट्रल के 729 करोड़ रुपये के रीडेवलपमेंट प्लान के जल्द ही मूर्तरूप होने की तैयारियां अंतिम चरण में चल रही है। कई बार सर्वे हो चुका है,इंजीनियरों ने प्लान भी बना कर प्रजेंटेशन भी आला अधिकारियों के सामने दे दिया है। हेरिटेज लुक को संरक्षित करते हुए आईजीआई के टी-3 टर्मिनल की तर्ज पर डेवलप किया जाएगा। परिसर में होटल,माल,मल्टीप्लेक्स आदि की सुविधाएं मुहैया होंगी। गोविंदपुरी स्टेशन को अपग्रेड करने का भी कार्य किया जा रहा है।- एसके त्रिपाठी,एसीएम,कानपुर सेंट्रल

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