अयोध्या नगर निगम: टूटे-फूटे डस्टबिन के सहारे घर घर से कूड़ा उठाने को मजबूर हैं सफाई मित्र

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, अयोध्या। महानगर अयोध्या के गली मोहल्लों में घर-घर कूड़ा एकत्र करने की व्यवस्था तो सुचारू रूप से चल रही है। लेकिन नगर निगम पुराने डस्टबिन से ही काम चला रहा है। करीब चार साल पहले नगर निगम की ओर खरीदे गये डस्टबिन अब टूट-फूट चुके हैं। सफाई मित्र इसी टूटे फूटे डस्टबिन में कूड़ा एकत्र कर ठिकाने लगाने को मजबूर हैं। 

करीब दो माह पूर्व नगर निगम ने सफाई व्यवस्था के लिए कई नये उपकरणों की खरीद तो कि लेकिन डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले सफाई मित्रों को अभी तक नये डस्टबिन उपलब्ध नहीं कराये गये हैं। टूटे हुए डस्टबिन में ही कूड़ा एकत्र करने से आधा कूड़ा सड़क पर गिरता है जिससे गंदगी सड़क पर फैलती है। 

नगर निगम की ओर से शहर में घरों से कूड़ा एकत्र करने के लिए 200 ठेले चलवाए जा रहे हैं। डोर टू डोर कूड़ा लेने के लिए 235 सफाई मित्र लगे हुए हैं। आउटसोर्स पर रखे गये यह सफाई मित्र अपने काम में भले ही कोई लापरवाही न बरत रहे हों लेकिन नगर निगम के अधिकारी कूड़ा उठाने वाले डस्टबिन की व्यवस्था को लेकर उदासीन बने हुए हैं। करीब चार वर्ष से एक ही डस्टबिन से काम चल रहा है, जो अब पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। 

एक सफाई मित्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई बार उन लोगों ने अधिकारियों से डस्टबिन नया दिलाये जाने की मांग की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। वे लोग टूटे हुए डस्टबिन से ही किसी तरह से काम चला रहे हैं। लेकिन कूड़ा भरने में बड़ी बाधा आ रही है। काफी कूड़ा डस्टबिन टूटे होने से सड़क पर ही गिर जाता है। डोर टू डोर प्रभारी राजेश वर्मा का कहना है कि नये डस्टबिन के लिए सहायक नगर आयुक्त की ओर से प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजा गया है। जल्द ही नये डस्टबिन की व्यवस्था करवाई जाएगी। 

नये उपकरण खरीदे पर घरों से कूड़ा उठाने के लिए नहीं मंगायी गयी डस्टबिन
महानगर में सफाई व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखने के लिए कूड़ा उठाने के प्रयोग में आने वाले छोटे बड़े मिलाकर 81 वाहन हैं। इसके अलाव जर्जर हो चुके करीब 200 हाथ ठेले, 4 जेसीबी, 6 डम्फर, मैजिक वाहन तथा डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले करीब 250 ट्राइ साइकिल ही हैं।

पिछले माह  स्वच्छ भारत मिशन के तहत केन्द्र सरकार से प्राप्त 5 करोड़ 25 लाख 78 हजार की प्राप्त ग्रांट से निगम ने 2 करोड़ से नये उपकरणों की खरीद की थी। लेकिन डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने के लिए डस्टबिन अभी तक नहीं मंगाई गई। शहरी क्षेत्र में साफ सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्राप्त धनराशि में से करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से ट्राई साइकिल 110,  हाथ ठेला  396, रिफ्यूज कंपैक्टर 5, कम्पैक्टर बिन 288, डस्टबिन 56 एवं सीएनजी से चालित 21 ऑटो ट्रिपर खरीदे गये हैं।

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