लोहिया विधि विश्वविद्यालय नौकरी दिलवाने में फिसड्डी, सरकार के निर्देश के बावजूद निष्क्रिय है प्लेसमेंट सेल
अमृत विचार लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय अब तक नौकरी दिलवाने में फिसड्डी ही रहा है। इसके लिए विवि प्रशासन खुद ही जिम्मेदार है। 2006 से अब तक विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट सेल नहीं बनाया गया है। और न विवि में प्लेसमेंट अधिकारी की नियुक्ति की गई। हद यह है कि इंटरर्नशिप एंड प्लेसमेंट सेल कमेटी है, जिसको छात्र ही अपने स्तर पर चला रहे हैं, बाकी औपचारिता के लिए विवि के एक प्रोफेसर को इसका चेयरमैन बना रखा है।
विधि विशवविद्यालय के अधिकारिक सूत्रों की माने तो प्रदेश का अकेला लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से 2005-06 में पहला छात्रों का बैच पासआउट हुआ अब 2023 का नया बैच विधि की पढ़ाई को आ चुका है। मगर अब तक विवि में प्लेसमेंट सेल तक नहीं बना है और न अब तक प्लेसमंट अधिकारी की नियुक्ति की गई है। इंटर्नशिप एंड प्लेसमेंट सेल कमेटी बना रखी है जिसकी संकाय इंचार्ज शिक्षक को ही जिम्मेदारी दे दी जाती है। वही इसका चेयरपर्सन होता है। बाकी छात्र ही प्लेसमेंट सेल चला रहे हैं जिसमें छात्रों को ही कंवीनर बनाया गया है यही इसका रिकार्ड रखते हैं। विधि विश्वविद्यालय के पास 2006 से 2022 तक का कोई रिकार्ड नहीं है।
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय सूत्रों की माने तो जब कंपनियों को आमंत्रण ही नहीं दिया जा रहा तो कंपनियां कैसे आएंगी। बता दें कि पिछले पांच साल में एक बार भी किसी कंपनी को प्लेसमेंट के लिए आमंत्रण नहीं दिया गया। जबकि छात्रों की माने तो वह इंटरनेशनल लीगल कंपनी अमर चंद व मंगल दास जैसी बड़ी कंपनियों में जाना चाहते हैं लेकिन विवि ने बड़ी लीगल कंपनियों तो छोड़िये, छोटी छोटी रेनबो जैसी लीगल कंपनी को भी बुलावा नहीं दिया गया है। विवि का कहना है कि प्लेसमेंट अधिकारी की नियुक्ति को लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजा गया लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मद्देनजर किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान में प्लेसमेंट सेल यानी रोजगारउन्नमुख कौशल विकास प्रशिक्षण एवं व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण हेतु प्रकोष्ठ की स्थापना शिक्षण व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित उन उच्च शिक्षण संस्थान में शामिल हैं जहां कानून की शिक्षा दीक्षा के साथ सामाजिक व्यवस्था को समझने हेतु आव्यशक ह्यूमैनिटीज विषयों की भी पढ़ाई होती है। परंतु पढ़ाई, डिग्री प्राप्त करने वाले इन छात्रों के लिए सही मायने में रोजगार संबंधित प्रशिक्षण और प्लेसमेंट औपचारिक प्लेसमेंट अधिकारी एवं संबंधित कार्यालय की कोई औपचारिक व्यवस्था नहीं है। प्लेसमेंट सेल स्टूडेंट्स द्वारा संचालित किया जाता है, जिसके उन्हें किसी भी प्रकार का औपचारिक मोटिवेशन या प्रशिक्षण नहीं प्राप्त है। विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किसी भी रोजगार मेले की भी कोई परंपरा नहीं है। कुछ छात्रों द्वारा स्वयं प्रयासरत जिम्मेदारी के चलते कुछ अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं, जैसे कि सरकारी नौकरियों में चयन या प्राइवेट या पब्लिक सेक्टर्स में इंटर्नशिप, व्यवसाय इत्यादि, पर इसमें विश्व विद्यालय द्वारा संचालित किसी भी प्रकार की रोजगार उन्नामुख प्राथमिकता या प्रयास नहीं रहा है। विश्वविद्यालय के पास न ही किसी प्रकार का प्लेसमेंट डाटा है।
"विश्वविद्यालय के छात्र ही इस इंटर्नशिप एंड प्लेसमेंट सेल कमेटी के कंवीनर होते हैं, उनके पास ही पूरा डाटा होता है। जो अभी छुट्टी पर हैं और सप्ताह भर बाद आएंगे तो डाटा उपलब्ध हो पाएगा। प्लेसमेंट सेल का प्लेसमेंट अधिकारी नहीं है, फैकल्टी इंचार्ज को ही चेयरपर्सन बना दिया जाता है। जो इंटर्नशिप दिलाने में छात्रों की मदद करते हैं। "
प्रो. डॉ.मनीष सिंह चेयरपर्सन इंटर्नशिप एंड प्लेसमेंट सेल कमेटी, विधि विश्वविद्यालय
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