एमबीबीएस में दाखिला, जालसाजों का नया छलावा
मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर रुपये हड़पने के मामले बढ़े
लखनऊ। आयुष कॉलेजों में 891 सीटों पर फर्जी एडमिशन कराकर छात्रों से करोड़ों रुपये हड़पने और उनका भविष्य दांव पर लगाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ है कि जालसाजों ने एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर युवाओं से ठगी का खेल शुरू कर दिया है। खासकर राजधानी लखनऊ में ऐसे मामले बहुतायत में सामने आ रहे हैं।
तीन दिन में चार बड़े मामले आए सामने
राजधानी लखनऊ में मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर पैसे हड़पने के मामलों में अचानक से बढ़ोत्तरी हुई है। महज तीन दिनों के अंदर राजधानी में ऐसे चार बड़े मामले प्रकाश में आए हैं। इनमें से तीन मामले विभूतिखंड व एक हुसैनगंज कोतवाली में दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है।
नीट परिणाम जारी होने के बाद से शुरू हुआ खेल
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से 7 सितंबर 2022 को ही नीट-2022 का परिणाम घोषित कर दिया गया था लेकिन अक्टूबर माह के अंत से काउंसिलिंग का दौर शुरू हुआ। इसके बाद से ही जालसाजों ने मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी के खेल को शुरू कर दिया।
लखनऊ में सक्रिय हैं कई ठग कंसल्टेंसी एजेंसिया व जालसाज
विगत तीन दिनों में मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के नाम पर ठगी करने के दर्ज मामलों में से दो में लखनऊ में ही संचालित तीन कंसल्टेंसी एजेंसियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। ये एजेंसियां नीट में कम रैंकिंग पाने वाले विद्यार्थियों को लखनऊ व आसपास के शहरों के कुछ प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठग चुकी हैं। विभूतिखंड के साइबर टॉवर में संचालित सिम्स ग्रुप ऑफ कंसल्टेंसी के खिलाफ व कॅरियर हाइट्स कंसल्टेंसी के खिलाफ 4 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। इनके द्वारा सरस्वती कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज और अटल बाजपेयी मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर ठगी की गई है।
फर्जी दस्तावेजों का कारोबार दे रहा शह
जालसाजों के इस गोरखधंधे का नेटवर्क लखनऊ से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ है। दरअसल इन जालसाजियों को शह देने में फर्जी दस्तावेजों के कारोबारी की बड़ी भूमिका है। लखनऊ, दिल्ली, नोएडा से प्रतिष्ठित कॉलेजों के फर्जी ब्रॉशर, बुकलेट, एडमिशन पेपर आदि छपवाकर युवाओं को थमाए जा रहे हैं और झांसे में लिया जा रहा है।
पैसे देने से पूर्व क्षेत्रीय थाने से करवाएं एजेंसी का सत्यापन : डीसीपी उत्तरी
डीसीपी उत्तरी एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर पैसे हड़पने के मामले प्रकाश में आए हैं। इन मामलों को लेकर हाल ही में 4 अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज हुई हैं। जांच की जा रही है। लोगों से अपील है कि बिना प्रॉपर काउंसिलिंग के किसी भी जालसाज के झांसे में न आएं। अगर किसी एजेंसी से बात हुई है तो पहले क्षेत्रीय थाने से उस एजेंसी के बारे में सत्यापन करा लें।
तीन दिनों में दर्ज हुए चार मामले :-
दिनांक - थाना – कौन हुए ठगी का शिकार – आरोपी – किस कॉलेज में एडमिशन दिलाने का झांसा – कितने रुपये ठगे गए
06 जनवरी - विभूतिखंड – मुजफ्फरपुर के आनंद देव – सिम्स ग्रुप ऑफ कंसल्टेंसी – सरस्वती कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज - 07 लाख
06 जनवरी – विभूतिखंड - मुजफ्फरपुर के पंकज कुमार – कॅरियर हाइट्स कंसल्टेंसी – अटल बाजपेई मेडिकल कॉलेज – 07 लाख
05 जनवरी – हुसैनगंज – दिल्ली कैंट के सूबेदार बिमान बिहारी देव – सौरभ व राहुल रजक – सरकारी मेडिकल कॉलेज, बांदा – 20 लाख
04 जनवरी – विभूतिखंड – लखनऊ निवासी राकेश सिंह – कॅरियर हाइट्स – अटल बाजपेयी मेडिकल कॉलेज – 13 लाख
