मुरादाबाद : कार्ड बनाने और इलाज में जनपद अमरोहा मंडल में सबसे आगे, संभल फिसड्डी 

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आयुष्मान भारत : मुरादाबाद की 31 और 12वीं रैंक, रामपुर को मिला है 34 और 15वां स्थान

विनोद श्रीवास्तव, अमृत विचार। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में गोल्डन कार्ड बनाने में सुस्ती का खामियाजा पात्र लाभार्थियों को इलाज से वंचित होकर भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश में कार्ड बनाने और इलाज देने के मामले में मंडल में सबसे अच्छी प्रगति अमरोहा जिले की है। मंडल में कार्ड बनाने के मामले में अमरोहा प्रदेश में पांचवें, बिजनौर 24, मुरादाबाद 31, रामपुर 34 और संभल सबसे पीछे 64वें रैंक पर है। इलाज में भी अमरोहा मंडल में सबसे आगे है। 

केंद्र में 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने पर गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू की गई। इसके तहत गरीब परिवार के मुखिया और परिवार के सदस्यों का गोल्डन कार्ड बनना था। इसमें मुरादाबाद जिले में 3,06,884 परिवार चयनित हुए। जिसमें कुल लाभार्थियों की संख्या 13,62, 878 अब है। इसमें से सिर्फ 4,50,062 लाभार्थियों का ही कार्ड अब तक बन पाया है। कई वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक इसका लाभ पाने के लिए बनाया जा रहा गोल्डन कार्ड सिर्फ 33.02 प्रतिशत ही बना है। इसमें जिले की प्रदेश में वर्तमान रैंक 31 है।

हालांकि इसमें पहले से तो सुधार है, लेकिन अभी शत प्रतिशत लक्ष्य कोसों दूर है। हां इनमें 24,219 परिवारों को 75.25 करोड़ रुपये का इलाज देकर प्रदेश में इस श्रेणी में 12वीं रैंक हासिल करने की उपलब्धि भी है। इसमें 52,537 का क्लेम भी दिया गया है। कार्ड बनाने में शिथिलता के पीछे कभी काॅमन सर्विस सेंटरों की मनमानी तो कभी नेटवर्क का पेच बताया जाता है। जिले की तरह मंडल के अन्य जिलों की भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। 

कहां और कैसे बनवाएं कार्ड

  • योजना के पैनल में शामिल अस्पताल या जनसेवा केंद्र पर पारिवारिक समग्र आईडी के साथ एक पहचान पत्र (आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, सरकारी पहचान पत्र) ले जाएं। पात्रता सूची में नाम देखकर और दस्तावेजों की जांच के बाद मुफ्त कार्ड बनाए जाते हैं 
  • अब आशाओं के माध्यम से भी आयुष्मान कार्ड बनवाए जा सकते हैं 
  • संबद्ध अस्पताल में आयुष्मान मित्र के माध्यम से निशुल्क कार्ड बनवाए जा सकते हैं। भर्ती के समय अस्पताल में आयुष्मान कार्ड दिखाएं और निशुल्क उपचार का लाभ उठाएं।

 

योजना में यह मिलता है लाभ 

  • प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के नि:शुल्क उपचार का लाभ ।
  • योजना से संबद्ध चिह्नित सरकारी या निजी अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा भर्ती होने से 7 दिन पहले तक की जांचें, भर्ती के दौरान उपचार व भोजन और डिस्चार्ज होने के 10 दिन बात तक का चेकअप व दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध।
  • अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में कोरोना, कैंसर, गुर्दा रोग, हृदय रोग, डेंगू, चिकुनगुनिया, डायलिसिस, घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण आदि का निशुल्क उपचार।

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योजना में पात्र परिवार और उनके कुल लाभार्थियों के कार्ड बनाने के साथ ही पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज दिलाने के लिए विभाग गंभीरता से कार्य कर रहा है। कई बार जनसेवा केंद्रों के माध्यम से कार्ड बनाने में दिक्कतें आ जाती हैं। इसमें आसानी के लिए अब आशाओं के माध्यम से लाभार्थियों के घर पर पहुंचकर कार्ड बनवाया जा रहा है। पहले से स्थिति बेहतर हुई है। इसमें और सुधार कराकर शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाएगा। -नवीन रस्तोगी, मंडलीय नोडल, चिकित्साधिकारी, आयुष्मान भारत योजना

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