जेईई और बोर्ड परीक्षाओं में सर्वोदय विद्यालयों का परचम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मॉडल से मिली सफलता
11 विद्यार्थियों ने जेईई मेंस में बनाई जगह, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मिल रहा आईआईटी-मेडिकल संस्थानों तक पहुंचने का अवसर
लखनऊ, अमृत विचार। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने जेईई मेंस, जेईई एडवांस्ड और बोर्ड परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का मान बढ़ाया है। निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवासीय सुविधा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र अब देश के प्रतिष्ठित संस्थानों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार मिर्जापुर के मड़िहान स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय को डॉ. अरुण कुमार तिवारी ट्रस्टी एक्स नवोदयन फाउंडेशन और टाटा एआईजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सीएसआर सहयोग से जेईई और नीट की तैयारी के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया गया है। इसी मॉडल का परिणाम है कि इस वर्ष विद्यालयों के 11 विद्यार्थियों ने जेईई मेंस परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
मड़िहान की छात्राओं दामिनी पटेल, अंवाला वर्मा, सृष्टि, शिवानी और रागिनी ने जेईई मेंस में सफलता हासिल की, जबकि प्रीति ने जेईई एडवांस्ड के लिए भी क्वालीफाई किया। प्रीति और दामिनी को आईआईटी मंडी के बीबीए-एमबीए कार्यक्रम के लिए भी शॉर्टलिस्ट किया गया है। इसके अलावा देवरिया के विकास यादव और अंकित सिंह, बाराबंकी के अभिषेक मिश्रा, बस्ती के अमित कुमार तथा मिर्जापुर के ऋषिकेश भारती ने भी जेईई मेंस में सफलता हासिल कर विद्यालयों का नाम रोशन किया।
यूपी बोर्ड परीक्षाओं में भी सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। गाजियाबाद के निडौरी स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं अंजलि पुंडीर और अंशिका ने जनपद स्तर पर क्रमशः चौथा और छठा स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दोनों छात्राओं को नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया।
सफल विद्यार्थियों को मंत्री असीम अरुण ने दी बधाई
समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य हर प्रतिभाशाली छात्र को आगे बढ़ने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि सर्वोदय विद्यालयों की उपलब्धियां शिक्षा सुधार और सामाजिक समावेशन की नीति की सफलता का प्रमाण हैं। यह मॉडल आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देगा।
इनसेट
103 आवासीय विद्यालय गढ़ रहे नई पीढ़ी
प्रदेश में समाज कल्याण विभाग के 103 आवासीय सर्वोदय विद्यालयों में कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उपलब्ध कराई जा रही है। यही वजह है कि इन विद्यालयों के छात्र अब आईआईटी, मेडिकल और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
