Kanpur News : BIC से बैरंग लौटी NOC की चिठ्ठी, आनंदेश्वर कॉरिडोर की जमीन पर पार्किंग का मामला फंसा
कानपुर में बीआईसी से एनओसी की चिट्ठी लौटी।
कानपुर में बीआईसी से एनओसी की चिट्ठी लौटी। हाईकोर्ट ने बीआईसी की जमीनों पर लिक्विडेटर बैठाया है। मंडलायुक्त और नगर आयुक्त लिक्विडेटर से चर्चा करेंगे।
[अभिषेक वर्मा], अमृत विचार, कानपुर। आनंदेश्वर कॉरिडोर के लिए बीआईसी की जमीन पर पार्किंग का मामला फंस गया है। प्रशासन और नगर आयुक्त द्वारा बीआईसी के ओएसडी और मंत्रालय को एनओसी के लिए भेजी गई चिठ्ठी बेरंग साबित हुई है। बीआईसी की ओर से कहा गया है कि अब बीआईसी की जमीनों पर उनका पूर्ण अधिकार नहीं बचा है।
कोर्ट ने बीआईसी की जमीनों पर लिक्विडेटर बैठा दिया है। जिसके बाद अब पार्किंग को लेकर अनुमति देने का अधिकार उनके पास सुरक्षित नहीं है। जिसके बाद मंडलायुक्त और नगर आयुक्त पार्किंग के लिए लिक्विडेटर से जमीन पर पार्किंग के लिए निवेदन करेंगे।
कानपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत परमट कॉरीडोर में पार्किंग स्थल प्रस्तावित है। परमट में ब्रिटिश इंडिया कारपोरेशन लिमिटेड के स्वामित्व के अन्तर्गत टैफको की 5135 वर्ग मीटर की भूमि है। यहां पर आस्थाई पार्किंग बनाने के लिये नगर आयुक्त ने बीआईसी के ओएसडी एससी गुप्ता को पत्र लिखकर एनओसी मांगी थी।
वहीं, मंडलायुक्त डॉक्टर राजशेखर ने वस्त्र मंत्रालय को पत्र भेजकर एनओसी मांगी थी। बता दें कि, यहां इतनी जगह है कि करीब पांच सौ छोटी-बड़ी गाड़ियां खड़ी हो सकती हैं।
बड़े त्योहारों में होती है दिक्कत
आनंदेश्वर मंदिर में शिवरात्री व बड़े पर्व में लाखों की संख्या में भक्त बाबा के दर्शन करने आते हैं। इसदौरान लोगों को मंदिर से एक किलामीटर पहले ही गाड़ियों को पार्क करना पड़ता है। कई बार तो सड़क पर गाड़ियां पार्क होती है जिससे जाम लगता है। वहीं, लोगों को पैदल भी मंदिर तक जाना पड़ता है। बीआईसी की जमीन पर पार्किंग बनने के बाद से लोगों की गाड़ियां सुरक्षित खड़ी हो सकेंगी और लोगों को मंदिर जाने के लिये कम पैदल चलना पड़ेगा।
