बरेली: लखनऊ के अधिकारी सात बिजली कर्मियों को दे गए कोरोना संक्रमण
बरेली,अमृत विचार। शासन से ट्रांसफार्मर घोटाले की जांच को आई टीम में कई अधिकारियों की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव पाए जाने के बाद बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर कार्यालय में हड़कंप मच गया। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने चीफ इंजीनियर कार्यालय में कर्मचारियों की कोरोना जांच की। इसमें सात लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद …
बरेली,अमृत विचार। शासन से ट्रांसफार्मर घोटाले की जांच को आई टीम में कई अधिकारियों की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव पाए जाने के बाद बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर कार्यालय में हड़कंप मच गया। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने चीफ इंजीनियर कार्यालय में कर्मचारियों की कोरोना जांच की। इसमें सात लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद सब दहशत में आ गए हैं।
बहेड़ी की बंद पड़ी कतई कताई चीनी मिल में टांसफार्मर लगवाकर बिजली चोरी करने के मामले में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए लखनऊ से बरेली भेजी गई थी। 30 जुलाई की शाम को शासन से आई टीम शहर में पहुंची और विभागीय अतिथि गृह में रुकी थी। चीफ इंजीनियर तारिक मतीन से मुलाकात के बाद स्टाफ के कई लोगों के बयान दर्ज किए थे। उसके बाद अगले दिन टीम बहेड़ी कताई मिल में जांच करने को पहुंची, जहां एक्सईन, एसडीओ और जेई से लंबी पूछताछ की थी। जांच के बाद टीम शाम को ही लखनऊ रवाना हो गई थी।
टीम के लोगों ने रविवार की सुबह बुखार आने के बाद कोरोना टेस्ट कराया, जिसमें दो अधिकारी और उनके ड्राइवर में कोरोना संक्रमण पाया गया। बिजली विभाग में यह खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। उसके बाद आदेश जारी किए गए कि जो भी लोग शासन से आई टीम के संपर्क में आए थे, जांच करा ले। बुधवार को सर्किट हाउस के सामने चीफ इंजीनियर कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोबाइल मेडिकल वैन यूनिट ले जाकर जांच का कैंप लगाया। इसमें कुल 120 लोगों की जांच की गई। इनमें से बिजली विभाग के बाबू और कर्मचारियों समेत सात लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। उसके बाद से ही अन्य अधिकारी और कर्मचारी खुद ही अपने घरों में आईसोलेट हो गए हैं।
