उन्नाव के पुरवा में अस्थायी नहर पुल में फंसकर 30 गोवंश की मौत, मचा हड़कंप
पुलिया निर्माण कराने वालों की बड़ी लापरवाही उजागर
अमृत विचार, उन्नाव। क्षेत्र के अस्थायी नहर पुल के पाइप फंसकर 30 अधिक गोवंशों की सूचना से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पहुंचे तहसील अमले ने जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर मृत मवेशियों को दफन करवा दिया है। मामले में पुलिया निर्माण कराने वालों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। जिस पर कार्रवाई के लिए तहसील अमले ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा है।
स्थानीय अचलगंज मार्ग पर शारदा नहर के पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। राहगीरों के आवागमन के लिए कार्यदायी संस्था ने सीमेंट के पाइप डालकर अस्थाई पुल बना दिया है। शनिवार अस्थाई पुल के नीचे 30 गोवंश मृत अवस्था में पड़े मिलने की खबर से क्षेत्र में सनसनी मच गयी। मामला सुर्खियों में आते ही प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गयी। ग्रामीणों की सूचना पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार शिव दर्शन सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल योगेश चंद्र व नगर पंचायत की टीम मौके पर भेजा। जेसीबी बुलवाकर मृत मवेशियों को निकालने का क्रम शुरू हुआ तो तकरीबन 30 से अधिक गोवंशों के शव बरामद हुए। नायब तहसीलदार ने वहीं पास ही गड्ढा खुदवाकर उन्हें दफन करा दिया। उनका कहना था कि शव बह कर नहर में आए हैं। रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को दी जाएगी।
कार्रवाई न होने पर दी आत्मदाह की चेतावनी
इस मामले में स्वयंसेवक व क्षेत्रीय गोरक्षक पवन तिवारी ने प्रशासन पर बड़े आरोप लगाए है। उनका कहना है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गो संरक्षण के लिए तमाम योजनाएं चला रहे हैं लेकिन इन योजनाओं के लिए आने वाले धन का बंदरबांट किया जा रहा है। अस्थाई गोशालाओं में भी बड़ी स्थिति खराब है। इन गोवंशो की मौत में यदि प्रशासन से खुलासा करते हुए कार्रवाई नहीं की तो वह आत्मदाह करेगें।
एसडीएम बोले नहर विभाग की लापरवाही, कार्रवाई के लिखा है पत्र
एसडीएम अजीत जायसवाल ने बताया सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार और नगर पंचायत की टीम को मौके पर भेज दिया था। मृतक मवेशियों को नहर से निकलवा कर दफन करवा दिया गया है। साफ तौर पर लोक निर्माण विभाग की लापरवाही है। विभाग के द्वारा पुल का निर्माण करवाया जा रहा है। नहर में मवेशियों के फंसे होने की सूचना नहीं दी गई। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा रहा हूं।
सीवीओ बोले टीम गठित कर कराया जाएगा पोस्टमार्टम
गोवंशों के शव मिलने के मामले में तहसील अमले की उदासीनता और जल्दबाजी भी उजागर हुई है। आलम यह रहा कि बिना पोस्टमार्टम कराए ही शवों को दफन करा दिया गया। हलांकि इस संबंध में सीवीओ डा. अनिल दत्तात्रेय पांडेय ने बताया कि क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी भेजा गया है। टीम गठित करा कर गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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