राज्य के 20 जिलों में परखी जा रही क्षय उन्मूलन की स्थिति
मानकों पर खरे उतरने वाले जिलों को किया जाएगा सम्मानित
लखनऊ। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत राज्य के 20 जिलों में नेशनल सर्टिफिकेशन प्रक्रिया सोमवार से आरंभ हो चुकी है। इन जिलों में टीबी की रोकथाम में किये जा रहें प्रयासों और उनके नतीजों को गहनता से परख कर मूल्यांकन किया जा रहा है। मूल्यांकन के बाद क्षय उन्मूलन के संकेतकों (इंडीकेटर) पर खरे उतरने वाले जिलों को विश्व क्षय रोग दिवस- 24 मार्च 2023 पर सम्मानित किया जाएगा।
राज्य क्षय नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र भटनागर ने बताया कि सर्वे के तहत सेंट्रल टीबी डिवीजन के माध्यम से इन 20 जिलों के 10-10 गांवों को चिन्हित किया गया है। इन गांवों में डिस्ट्रिक्ट लेवल एनुवल सर्वे (डीएलएएस) के वालंटियर्स के सहयोग से सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में टीम द्वारा टीबी जांच की सुविधा, मरीजों के नोटिफिकेशन (सरकारी-प्राइवेट), टीबी मरीजों की एचआईवी जांच, निक्षय पोषण योजना के तहत भुगतान की स्थिति, प्राइवेट ड्रग सेल और मरीजों की संख्या में आ रही कमी की दर को बारीकी से परख रही है। सर्वे में कार्यो एवं परिणाम को देखते हुए जिलों को स्वर्ण (गोल्ड), रजत और कांस्य की श्रेणी में स्थान दिया जायेगा।
प्रशिक्षण कराया जा रहा है
जिला स्तर पर वालंटियर्स को प्रशिक्षित किया गया है। सर्वेक्षण में संभावित मरीजों के बलगम की नैट पर उसी दिन जांच कराई जा रही है। जिन गांवों में पिछले वर्षों में एक भी टीबी मरीज नहीं पाए गए हैं, उनको टीबी मुक्त गांव में शामिल किया जाएगा।
सर्वे का सत्यापन होगा
इस सर्वे की रिपोर्ट को इन्डियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (आईएपीएसएम) और डब्ल्यूएचओ इण्डिया के सहयोग से इंडियन काउन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा सत्यापन किया जाएगा।
इन जिलों में चल रहा सर्वे
बागपत, बाराबंकी, बलरामपुर, बुलंदशहर, चंदौली, हापुड़, जालौन, जे.पी. नगर, कौशाम्बी, ललितपुर, महराजगंज, मुजफ्फरनगर, मिर्जापुर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, संत रविदासनगर, संभल, शामली, सोनभद्र और उन्नाव ।
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