भारत के गोलकीपिंग कोच Dennis Van de Pol ने कहा- समय आने पर PR Sreejesh की जगह लेगा कृष्ण पाठक

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Edited By Amrit Vichar
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वान डे पोल ने कहा, दिसंबर में बेंगलुरू में मैंने नौ गोलकीपरों के साथ काम किया जिनमें से तीन श्रीजेश, पाठक और सूरज करकेरा भारतीय टीम का हिस्सा हैं

नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपिंग कोच डेनिस वान डे पोल (Dennis Van de Pol) का मानना है कि युवा गोलकीपर कृष्ण पाठक काफी परिपक्व हो गए हैं और जब पी आर श्रीजेश खेल को अलविदा कहेंगे तो उनकी जगह ले सकते हैं। 25 वर्ष के पाठक टोक्यो ओलंपिक में श्रीजेश के साथ अतिरिक्त गोलकीपर थे। 

भारत ने टोक्यो ओलंपिक में ऐतहासिक कांस्य पदक जीता था। इसके बाद से पाठक और श्रीजेश दोनों भारतीय टीम का नियमित हिस्सा हैं और चार क्वार्टर में बारी बारी से गोलकीपिंग करते हैं। पिछले 16 साल से भारतीय टीम के साथ खेल रहे 34 वर्ष के श्रीजेश अपने कैरियर की ढलान पर हैं।

वान डे पोल ने कहा, मैंने भारतीय टीम के साथ शिविर में काम किया है। दिसंबर में बेंगलुरू में मैंने नौ गोलकीपरों के साथ काम किया जिनमें से तीन श्रीजेश, पाठक और सूरज करकेरा भारतीय टीम का हिस्सा हैं। वहीं 2019 जूनियर टीम के गोलकीपर अब सीनियर ग्रुप में है लिहाजा भविष्य अच्छा है। उन्होंने कहा, आजकल गोलकीपर का काम सिर्फ गोल के सामने खड़े रहना नहीं है। अब हरफनमौला गोलकीपर होते हैं। आपको अच्छा शॉट स्टॉपर और पेनल्टी कॉर्नर को भांपने वाला भी होना चाहिये। श्रीजेश को ऐसा करते देखा है।  उन्होंने कहा कि भारतीय टीम इस विश्व कप में पदक जीतने की प्रबल दावेदार है। उन्होंने कहा, हमारे पास अच्छी मजबूत टीम है । हमारा डिफेंस शानदार है। इंग्लैंड के खिलाफ आक्रमण उतना अच्छा नहीं था लेकिन डिफेंस में प्रदर्शन दमदार रहा। पेनल्टी कॉर्नर का बचाव बहुत अच्छा है।

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