अयोध्या: चार तहसीलों में पंचायत भवन के लिए भूमि की तलाश नहीं हुई पूरी, जानें वजह
अमृत विचार, अयोध्या। जिला प्रशासन के तमाम प्रयास के बाद भी जिले की 835 ग्राम पंचायतों में से चार तहसीलों की 53 पंचायतों में अब तक पंचायत भवन के लिए जमीन नहीं मिल सकी है। इसके लिए बीते छह महीने से संबधित एसडीएम से लिखा-पढ़ी चल रही है लेकिन कहीं भूमि नहीं उपलब्ध हो पा रही है। इन पंचायतों में पंचायत भवन का कामकाज स्कूलों, सामुदायिक भवनों या फिर प्रधान के दलान से चल रहा।
जिससे एक छत के नीचे ग्रामीणों को सभी सुविधा सुलभ कराने की सरकार की मंशा तार-तार होती नजर आ रही है। जिला पंचायत राज विभाग की ओर से इन पंचायतों में एसडीएम से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की थी लेकिन जमीन नहीं मिली। जिला पंचायत राज विभाग के आंकड़ों की मानें तो सदर तहसील की 31 पंचायतों में पंचायत भवन के लिए जमीन नहीं मिली है या कहीं मिली है तो वह अनुपयुक्त है।
सोहावल तहसील की 12 पंचायत, बीकापुर तहसील की आठ पंचायत तथा मिल्कीपुर तहसील की दो पंचायतों में जमीन नहीं उपलब्ध हो सकी है। इन पंचायतों में कामकाज प्रधान की मनमर्जी से चल रहा है। जिससे विकास कार्य भी धीमी गति से हो रहा है। चूंकि पंचायत गेटवे से ही पंचायतों में हुए विकास कार्यों का भुगतान होना है।
इसके चलते तमाम योजनाओं पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। जबकि इसके तहत प्रदेश सरकार ने ग्राम सचिवालय की स्थापना के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को 1.75 लाख रुपये दिया है। विभाग के लोगों का कहना है कि यदि भूमि नहीं मिलती तो शासन द्वारा निर्गत धनराशि लैप्स हो सकती है।
जिन पंचायतों में जमीन नहीं मिली है, वहां के क्षेत्रीय लोगों से जमीन खरीदने का प्रयास किया जायेगा। यदि कोई व्यक्ति दान में जमीन देगा तो निर्माण होने वाले पंचायत भवन के शिलापट्ट पर उसका नाम अंकित कराया जायेगा। वित्तीय वर्ष के अंत तक पंचायत भवन का निर्माण करा लिया जायेगा ...अनीता यादव - मुख्य विकास अधिकारी, अयोध्या।
यह भी पढ़ें:-अयोध्या: सनातन धर्म पर उंगली उठाने वाले का सिर कलम कर दिया जाए... नायब तहसील के बयान पर भड़का संत समाज
