बरेली: सेंट्रल लैब की रखी नींव, बॉटेनिकल गार्डन का उद्घाटन
बरेली,अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सेंट्रल कंप्यूटर लैब की नींव रख गई है। प्रोजेक्ट करीब 3.50 करोड़ का है। इसमें विदेशी भाषाओं के आधुनिक सॉफ्टवेयर होंगे। कैंपस या विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के छात्र यहां देश-विदेश की भाषाएं सीख सकेंगे। गुरुवार को कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल ने प्रशासनिक भवन के पीछे …
बरेली,अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सेंट्रल कंप्यूटर लैब की नींव रख गई है। प्रोजेक्ट करीब 3.50 करोड़ का है। इसमें विदेशी भाषाओं के आधुनिक सॉफ्टवेयर होंगे। कैंपस या विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के छात्र यहां देश-विदेश की भाषाएं सीख सकेंगे। गुरुवार को कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल ने प्रशासनिक भवन के पीछे इसके भवन निर्माण की बुनियाद रखी है। इसके साथ ही कैंपस में बॉटेनिकल गार्डन का भी उद्घाटन हुआ। दरअसल, पहले गार्डन की भूमि लगभग दो एकड़ थी, जो अब बढ़कर साढ़े चार एकड़ के आस-पास हो गई है।
लैब का प्रोजेक्ट राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) से मिला है। इस उद्देश्य से कि जो छात्र हिंदी, अंग्रेजी के अतिरिक्त जर्मन, फ्रेंच, अरबिक, फारसी या जिस भी देश-क्षेत्र की भाषा सीखने में रुचि रखते हैं। वे लैब में आकर उसका ज्ञान प्राप्त कर सकें। लैब में सभी सैकड़ों भाषाओं के सॉफ्टवेयर होंगे। रूसा के समन्वयक प्रोफेसर संजय मिश्रा के मुताबिक चार-पांच माह में लैब का कार्य पूरा हो जाएगा।
पर्यावरण मंत्रालय से ले सकेंगे प्रोजेक्ट
बॉटेनिकल गार्डन का क्षेत्र कम होने के कारण रुविवि पर्यावरण मंत्रालय में किसी प्रोजेक्ट के लिए आवेदन नहीं कर पाता था। इसलिए क्योंकि प्रोजेक्ट के लिए गार्डन की न्यूनतम भूमि चार-पांच एकड़ होना जरूरी है, जो अब पूरी हो गई है। इससे प्लांट साइंस विभाग को बड़ी राहत मिलेगी। डा. आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक गार्डन में मेडिसन पौधे, टिसू कल्चर लैब विकसित किया जाएगा। ताकि रुहेलखंड और कुमाऊं क्षेत्र में विल्पुत होते पौधों का संरक्षण किया जा सके। उद्घाटन के दौरान कुलसचिव डा. सुनीता पांडेय, विभागाध्यक्ष डा. संजय गर्ग, डा. जेएन मौर्य आदि उपस्थित रहे।
