Kanpur : किदवई नगर में रखा गया मेट्रो का पहला यू-गर्डर, बारादेवी-नौबस्ता एलिवेटेड सेक्शन में शुरू हुआ कार्य

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कानपुर के किदवई नगर में मेट्रो का पहला यू-गर्डर रखा गया।

कानपुर के किदवई नगर में मेट्रो का पहला यू-गार्डर रखा गया। साउथ सिटी में बारादेवी-नौबस्ता एलिवेटेड सेक्शन में कार्य शुरू हुआ। साढ़े 5 किलोमीटर के सेक्टर में 346 यू-गर्डर रखे जाएंगे।

कानपुर, अमृत विचार। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के पहले कॉरिडोर (आईआईटी-नौबस्ता) के तहत बारादेवी से नौबस्ता के बीच तैयार हो रहे लगभग साढ़े 5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन में यू-गर्डर रखने का काम शुरू हो गया है। दक्षिण क्षेत्र के किदवई नगर में मेट्रो का पहला यू-गर्डर रखा गया है।

21 जनवरी को पिलर नंबर- 56 और 57 पर सेक्शन का पहला यू-गर्डर रखा गया। एलिवेटेड सेक्शन में कुल 346 यू-गर्डर रखे जाने हैं, जिनकी औसत लंबाई लगभग 28 मीटर होगा।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा, कि कानपुर मेट्रो में सिविल निर्माण तेजी से हो रहा है। आईआईटी से मोतीझील के बीच समय पर मेट्रो सेवाएं शुरू करने के बाद, अब हमारा लक्ष्य है कि पहले कॉरिडोर के शेष हिस्से (चुन्नीगंज-नौबस्ता) के निर्माण कार्यों को भी समय पर पूर्ण किया जाए।

बारादेवी-नौबस्ता एलिवेटेड सेक्शन में निर्माण कार्यों की शुरुआत 8 अगस्त 2022 से हुआ था। इस सेक्शन में 27 दिसंबर 2022 को पहला पियर कैप रखा गया था।

5 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों के साथ तैयार हो रहे इस सेक्शन में कुल 276 पिलर होंगे, इनमें से वायडक्ट के लिए 166 पियर होंगे, जिनपर पियर कैप्स रखे जाएंगे और मेट्रो स्टेशनों के आधारस्वरूप लगभग 110 पिलर होंगे। अभी तक इस सेक्शन में 18 पिलर तैयार हो गए हैं। जबकि 5 पिलर पर कैप रखे जा चुके हैं। 

मोतीझील मेट्रो स्टेशन पर आज होगा पुस्तक मेला

कानपुर मेट्रो रविवार से मोतीझील मेट्रो स्टेशन पर रेपर्टवा फाउंडेशन के सहयोग से गणतंत्र दिवस पुस्तक मेला - 2023 का आयोजन करेगा। यह पुस्तक मेला कल 22 जनवरी से शुरू होकर 5 फरवरी 2023 तक चलेगा। पुस्तक मेले में लोग साहित्य, दर्शन, विज्ञान, देशभक्ति, आध्यात्मिक, पौराणिक, इतिहास, संस्कृति, धर्म आदि विविध विषयों पर किताबें खरीद सकेंगे।

मोतीझील मेट्रो स्टेशन पर सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में पुस्तकों की अहम भूमिका होती है। इस तरह के पुस्तक मेलों के आयोजन से सभी आयु वर्ग के लोगों के बीच पुस्तक पढ़ने की आदत को बढ़ावा मिलता है और लोगों का ज्ञानवर्धन होता है।

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