Chitrakoot: अतिक्रमणरोधी अभियान पर सदर विधायक के गंभीर सवाल, विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग

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Chitrakoot News चित्रकूट के सदर विधायक विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मिले।

Chitrakoot News चित्रकूट में अतिक्रमणरोधी अभियान पर सदर विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी भेजा।

चित्रकूट, अमृत विचार। Chitrakoot News सपा के सदर विधायक अनिल प्रधान ने जिला मुख्यालय में चलाए जा रहे अतिक्रमणरोधी अभियान की वैधता पर गंभीर सवालिया निशान लगाए हैं। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। साथ ही पूरी प्रक्रिया की जांच के लिए कमेटी बनाने की भी मांग की है।

अनिल प्रधान ने विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन द्वारा जानबूझकर छोटे व्यापारियों व आम जनमानस को परेशान किया जा रहा है। विधायक का कहना है कि बिना किसी नोटिस के गरीब लोगों के आशियाने एवं व्यापारियों की दुकानें गिराई जा रही हैं। ट्रैफिक चौराहे में अतिक्रमण एवं सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के नाम पर जेसीबी मशीन का प्रयोग करके जबर्दस्ती एवं बिना पूर्व सूचना दिए हटा दिया।

विधायक ने जमीन के मालिकाना हक पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि पहले कहा गया कि यह जमीन जिला पंचायत की है और बाद में लोक निर्माण विभाग ने बताया कि यह हमारी जमीन है। तब बाउंड्री को गिरा दिया गया। जब कब्जे की बात आई तो कुछ काश्तकारों ने जमीन पर खुद के मालिकाना हक की बात कही। विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष को भेजे पत्र में बताया है कि तब प्रशासन ने रातोंरात सैकड़ों मजदूर लगाकर पुनः बाउंड्री बनवा दी।

इसी प्रकार विधायक ने पुरानी सब्जी मंडी, महिला थाना, रजिस्ट्री आफिस आदि के आसपास के घरों को ढहाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। विधायक का कहना है कि गल्ला मंडी के पास स्थित दर्जनों घरों को बिना किसी नोटिस के गिराने की प्रक्रिया प्रांरभ की गई है। काश्तकारों को अधिग्रहण के बाद भी मुआवजा अभी नहीं मिला है।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से सभी मामलों की जांच उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर कराने का अनुरोध किया है। साथ ही मांग की है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना पूर्व लिखित सूचना अथवा नोटिस के नियमों को ताक में रखकर आम आदमी के अधिकारों का हनन न किया जाए।     

विस अध्यक्ष से भी मिले सपा विधायक

अनिल प्रधान ने बताया कि उन्होंने कथित रूप से गलत तरीके से गरीबों के घर और दुकानों को गिराए जाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह को पत्र तो भेजे हैं। साथ ही उन्होंने इन कार्यवाहियों पर रोक लगाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से मिले भी हैं। उन्होंने इस ठंड में गरीबों को बेघर करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का भी अनुरोध किया है।

देर से मुद्दा उठाने पर उठे सवाल

उधर, सदर विधायक द्वारा अतिक्रमणरोधी अभियान पर देर से आवाज उठाने के भी आवाज लग रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि विधायक ने दबाव के बाद यह कदम उठाया है। यह अभियान तो काफी समय से चल रहा है और गिराने की प्रक्रिया पहले से चल रही है। तमाम लोग भीषण ठंड में बेघर भी हो गए।

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