रायबरेली: सचिवालय कर्मचारी बन नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख की ठगी
सीओ के आदेश पर दर्ज हुई प्राथमिकी
ऊंचाहार/ रायबरेली, अमृत विचार। अस्पताल में हुई मुलाकात के दौरान पहचान बढ़ाकर चार लाख रूपए की ठगी का मामला दर्ज किया गया है। खुद को सचिवालय कर्मचारी बताकर ठग ने कई किस्तों में रकम वसूल की और फिर गायब हो गया है। मामले में सीओ के आदेश पर कार्रवाई हुई है और अब पुलिस उसे तलास रही है।
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वालो का धंधा बदस्तूर जारी है, और लोग उनके झांसे में आकर इसका शिकार हो रहे। एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। जहां युवक ने नौकरी के नाम पर चार लाख रुपये दे दिए लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही पैसा वापस मिल रहा।
बलिया जिले हजौली थाना गडवार निवासी सतीश कुमार पुत्र बेचूराम ने सीओ डलमऊ को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह एनटीपीसी आवासीय परिसर में रहता है और ठेकेदारी पर प्राइवेट नौकरी करता है। इसी दौरान कस्बे के ही एक अस्पताल में अपने पिता का इलाज करा रहे लखनऊ के एलडीए कालोनी निवासी अशोक कुमार पुत्र लल्लू राम यादव से हुई जो अपने को सचिवालय का कर्मचारी बताया था। दोनों के बीच बात बात में नौकरी को लेकर बात हुई तो अशोक ने सराकरी नौकरी लगवाने की बात कही और उसके एवज में उसने 12 जनवरी को 45 हजार व 13 जनवरी को 3,55,000 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिया। इधर जब युवक को अपने साथ ठगी होने की शंका हुई तो उसने नौकरी के कागज मांगे लेकिन वह नही दे सका। पीड़ित ने बताया कि वह दलित बिरादरी है और वह अब जब अपना पैसा मांगता है तो उसके साथ अभद्रता कर जान से मारने की धमकी दी जाती है। पीड़ित ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
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