गणतंत्र दिवस : अटारी-वाघा सीमा पर 'बीटिंग द रिट्रीट' सेरेमनी, 'भारत माता की जय' नारों से गूंजा बॉर्डर, देखें Video

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Edited By Amrit Vichar
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अमृतसर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पंजाब के अमृतसर में अटारी (भारत)-वाघा(पाकिस्तान) सीमा पर बीटिंग द रिट्रीट समारोह में BSF (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स ) के जवानों ने हिस्सा लिया। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर पंजाब (Punjab) में अटारी-वाघा बॉर्डर पर बीटिंग द रिट्रीट समारोह का आयोजन किया गया। बीटिंग द रिट्रीट समारोह में लगभग 26,000 लोग मौजूद रहे। अटारी बॉर्डर पर मौजूद हजारों लोगों और जवानों में जबरदस्त उत्साह दिखा। कार्यक्रम में भारतीय जवानों का शौर्य देखने को मिला। 

BSF पश्चिमी कमान के अतिरिक्त महानिदेशक पीवी रामा शास्त्री ने बताया, स्टेडियम लोगों से भर गया है। लोग बहुत उत्साह से आते हैं...सतह पर BSF को भेदना असंभव है, इसलिए ड्रोन जैसी नए तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में हमने उनके मंसूबों को नाकाम किया है।

बता दें, कि अटारी बॉर्डर अमृतसर शहर से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और हर दिन सैकड़ों भारतीय, विदेशी पर्यटक और स्थानीय लोग बीटिंग द रिट्रीट समारोह देखने के लिए पहुंचते हैं। बीएसएफ के जवानों के साथ-साथ उनके समकक्ष पाकिस्तानी रेंजर्स भी बीटिंग रिट्रीट समारोह में हिस्सा लेते हैं।

अटारी बॉर्डर पर पहली बार 11 अक्टूबर 1947 को तिरंगा लहराया गया था। भारत और पाकिस्तान परंपरागत तौर पर 1959 के बाद से अटारी बॉर्डर पर बीटिंग द रिट्रीट समारोह आयोजित कर रहे हैं और इस कार्यक्रम में भारी संख्या में दोनों देशों के लोग शामिल होते हैं। बीटिंग द रिट्रीट समारोह का आयोजन 60 से 120 मिनट का होता है।

भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के बाद ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड पर अटारी-वाघा संयुक्त चेक पोस्ट स्थापित की गई थी, जहां भारत की तरफ को अटारी और पाकिस्तान की तरफ को वाघा के नाम से जाना जाता है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर होने वाले इस समारोह के लिए दोनों देशों की सरकारों ने सहमति जाहिर की थी।

अटारी-वाघा बॉर्डर पर भारत और पाकिस्तान की सीमा पर गश्त करने वाले जवान अपने-अपने राष्ट्रीय ध्वज सुबह फहराते हैं और शाम को सूरज ढलने से पहले तिरंगे को उतारा जाता है। तिरंगा को उतारने से पहले भारत और पाकिस्तान के सुरक्षाबल एक-दूसरे को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए चुनौती देते हैं और अपने कौशल का प्रदर्शन करते हैं।

हर शाम होने वाली सेरेमनी में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बने इस चेक पोस्ट पर दोनों देश अपने-अपने ध्वज को उतारते हैं और फिर रात के लिए बॉर्डर औपचारिक तौर पर बंद कर दिया जाता है। 74वें गणतंत्र दिवस पर अमृतसर से 30 किलोमीटर दूर अटार बॉर्डर पर बीएसएफ के जवानों और पाकिस्तानी रेंजर्स की जबरदस्त परेड हुई। वैसे तो वहां हर रोज बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी होती है जिसमें दो देशों के झंडे को उतारा जाता है, लेकिन उससे पहले जो परेड होती है उसमें दोनों देशों के जवान हाव-भाव से एक दूसरे को ललकारते नजर आते हैं। 

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