मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: अब Kanpur Nagar Nigam वार्डों में खोजेगा पात्र वर-वधू, अपर नगर आयुक्त ने दिए निर्देश
कानपुर नगर निगम में अपर नगर आयुक्त ने निरीक्षकों को निर्देश दिए।
कानपुर नगर निगम मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वार्डों में वर-वधू के पात्र खोजेगा। इसके लिए अपर नगर आयुक्त ने बैठक कर दिए कर निरीक्षकों को निर्देश दिए। जोड़ो को चिन्हित कर जोनल कार्यालयों में शादी के लिए रजिस्टर्ड कराएंगे।
कानपुर, अमृत विचार। नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी अब वार्डों में घूमकर पात्र वर-वधू को खोजेंगे। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता ने सभी को निर्देश दिए हैं। सामूहिक विवाह नौ फरवरी को प्रस्तावित है। जिसके लिए सभी राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वह अपने से संबंधित वार्डों में प्रचार-प्रसार कराते हुए पात्र जोड़ों को चिन्हित करें। इसके साथ ही उनके आवश्यक दस्तावेजों को जोनल कार्यालय में उपलब्ध कराते हुए जोड़ो को रजिस्टर्ड भी कराएं।
सोमवार को जोन-1 के जोनल कार्यालय कक्ष में राजस्व वसूली, दाखिल खारिज, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, नामांतरण, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, रैन बसेरा समेत कई विषयों के सम्बन्ध में बैठक अपर नगर आयुक्त ने की। बैठक में जोनल अधिकारी राजेश गुप्ता, सभी कर अधीक्षक, राजस्व निरीक्षक और कर्मचारी रहे।
इस दौरान राजस्व निरीक्षकां से एक-एक कर वसूली की समीक्षा की गई। निर्देश के बाद भी माइक्रो प्लान चार्ट उपलब्ध न होने पर अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता ने फटकार लगाते हुए राजस्व निरीक्षकों को चेतावनी दी कि अगली बैठक में माइक्रो प्लान चार्ट सहित उपस्थित नही हुए तो संबंधित के खिलाफ दंडनीय कार्रवाई होगी। सभी कर अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वह प्रतिदिन समस्त राजस्व निरीक्षकों के साथ माइक्रो प्लान चार्ट के तहत वसूली की समीक्षा करें और जितने भी बड़े बकायेदार हैं, वहां कर अधीक्षक एवं राजस्व निरीक्षक स्वयं संपर्क कर संबंधित बकायेदारों से वार्ता करते हुए बड़े बकायेदारों से वसूली करें।
वसूली में कोई बाधा उत्पन्न हो रही हो तो संबंधित को नोटिस भेजते कार्रवाई करें। इसदौरान तीन राजस्व निरीक्षकों को चेतावनी दी। राजस्व वसूली के साथ दाखिल खारिज एवं पोर्टल पर नामांतरण के लिए प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। जोन एक जोनल अधिकारी ने बताया कि एक लाख से अधिक धनराशि के 223 बड़े बकायेदारों पर विभागीय कार्रवाई कराई जा रही है।
