बरेली: अतिक्रमण हटाने पर हंगामा, दलित बस्ती उजाड़ने पर पार्षदों ने दिया धरना
बरेली,अमृत विचार। अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची नगर निगम की टीम पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। अतिक्रमण हटाने वाली टीम और पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके विरोध में नगर निगम के 14 पार्षदों और वाल्मीकि बस्ती के लोग धरने पर बैठ गए। जिम्मेदार अफसरों पर …
बरेली,अमृत विचार। अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची नगर निगम की टीम पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। अतिक्रमण हटाने वाली टीम और पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके विरोध में नगर निगम के 14 पार्षदों और वाल्मीकि बस्ती के लोग धरने पर बैठ गए।
जिम्मेदार अफसरों पर आरोप है कि अतिक्रमण हटाने में भेदभाव किया जा रहा है। नगर निगम की टीम अतिक्रमण के नाम पर दलित बस्ती के कच्चे मकान को गिराना चाहती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने नगर आयुक्त को पत्र लिख कर कहा कि करीब 50 वर्षों से निवास करने वालों का आवास न गिराया जाए। काफी प्रयास के बाद जब अतिक्रमण हटाने का दस्ता वापस गया तो लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
शनिवार को नगर निगम की टीम प्रेमनगर के वाल्मीकि बस्ती के पास कुछ डेयरियों को हटाने लगी। जेसीबी से नाला पर हुए अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए टीम आगे बढ़ी तो पार्षदों और स्थानीय लोगों की अतिक्रमण हटाओ दस्ता से नोकझोंक होने लगी। टीम हर हाल में अतिक्रमण को हटाने की जिद्द पर अड़ी रही तो स्थानीय लोगों और पार्षदों ने मांग करने लगे कह जगतपुर से किला नदी नाला है। सबसे पहले जहां से नाला शुरू है, वहां से अतिक्रमण हटाया जाए। दोनों तरफ से नाला पर अतिक्रमण है लेकिन बीच में आकर क्यों हटाया जा रहा है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि अतिक्रमण हटाने में भेदभाव किया जा रहा है। बड़े लोगों का अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। जबकि यहां पर 50 वर्षों से 75 दलित निवास कर रहे हैं। डा अतुल शर्मा की डेयरी को दुर्भावना के कारण नगर निगम की टीम हटवा रही है।
इस पर पार्षदों ने पूरे मामलें को मेयर डा उमेश गौतम, जिलाधिकारी नीतीश कुमार को मोबाइल पर बताया। दोनों लोगों ने नगर आयुक्त अभिषेक आनंद से अतिक्रमण की कार्रवाई स्थगित करने को कहा। जबकि केंद्रीय मंत्री ने जिम्मेदार अफसरों को दलित बस्ती के मकानों को न तोड़ने का निर्देश दिया। काफी मशक्त के बाद शाम को टीम वापस चली गई। इसकी शिकायत पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना कातिब, शालीनी जौहरी, विजय कुमार, पूनम, कपिलकांत, अनुपम चमन, रूप किशोर ने की है। पार्षदों ने मांग किया है कि अतिक्रमण हटाने वाला दस्ता गरीबों के साथ अन्याय कर रहा है।
पार्षदों ने जेसीबी के सामने बैठे
नगर निगम के कमांडो दस्ता पर अतिक्रमण के नाम पर लोगों के परेशान करने की शिकायत अक्सर सुनने को मिलती है। शनिवार को जब एक साथ 14 पार्षदों ने विरोध जताया तो भी उनकी सुनने को अतिक्रमण दस्ता तैयार नहीं था। इस पर पार्षदों ने जेसीबी मशीन के सामने दरी बिछाई कर बैठ गए। धरने पर बैठे पार्षदों ने जब तक टीम वापस नहीं चलेगी तब तक धरना देते रहे। मामला आगे बढ़ते देख प्रेम नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
