मुरादाबाद : मास्टर साहब बने जिलाधिकारी की क्लास में फेल हुए उच्च प्राथमिक के छात्र, छोटे बच्चे पास
सवालों से चकराए छात्र, प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों ने खुलकर दिया जवाब तो खुश हुए डीएम, जमीन पर बैठ कर बच्चों के साथ जिलाधिकारी ने खाया दोपहर का भोजन
श्यामपट्ट पर लिखकर गणित के सवाल पूछ जिलाधिकारी ने अक्षर लेखन का मिलान किया, कंपोजिट विद्यालय लदावली में 314 छात्रों का पंजीकरण, स्कूल में मिले सिर्फ 146
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह गुरुवार को छजलैट विकास खंड के कई प्राथमिक और हाईस्कूल में प्रशासक और शिक्षक की भूमिका में रहे। अधिकारियों और कर्मचारियों को जहां कमियों पर फटकार लगाकर व्यवस्था सुधार की हिदायत दी। वहीं कक्षाओं में वह कुशल शिक्षक दिखे। उन्होंने श्यामपट्ट पर लिखकर गणित के सवालों के जवाब पूछे तो छात्र-छात्राओं से लिखवाकर उनके ज्ञान की परख की।
जिलाधिकारी ने छजलैट विकास खंड के शाहपुर मुबारकपुर (कुचावली) में मनरेगा पार्क-ओपन जिम, कंपोजिट विद्यालय लदावली, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुचावली, राजकीय हाईस्कूल कुचावली, प्राथमिक विद्यालय कूड़ामीरपुर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने विद्यालयों में शौचालय में गंदगी दिखने पर नाराजगी जताई। नियमित सफाई कर स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश दिया।
कंपोजिट विद्यालय लदावली में पंजीकृत 314 छात्रों में से सिर्फ 146 की उपस्थिति पर उन्होंने हैरत जताई। जबकि विद्यालय में 13 शिक्षक तैनात हैं। उन्हें बताया गया कि दो अध्यापक सीसीएल और दो आकस्मिक अवकाश पर हैं। जिलाधिकारी ने कक्षा छह के छात्रों से श्यामपट्ट पर गणित के सवाल लिखकर जवाब पूछा। जिसे बच्चे हल नहीं कर पाए। कक्षाध्यापक स्वाति शर्मा को जिलाधिकारी ने ठीक से पढ़ाने की हिदायत देते हुए ज्ञान का स्तर सुधारने के लिए कहा। कक्षा एक में हिंदी अक्षर ज्ञान, जोड़ने व घटाने के सवालों में बच्चे ठीक पाए। दिव्यांगों के लिए बने शौचालय के दरवाजे का हैंडिल न होने पर इसे लगवाने के लिए कहा।


उच्च प्राथमिक विद्यालय कुचावली में 121 के आधे से भी कम महज 59 विद्यार्थी उपस्थित थे। पता चला कि स्कूल में छह शिक्षक और एक अनुदेशक कार्यरत हैं। चहारदीवारी न होने पर सुरक्षा को लेकर उन्होंने सवाल खड़ा किया। मध्याह्न भोजन में बच्चों को दाल रोटी दी गई थी। राजकीय हाईस्कूल कुचावली में कक्षा 9 के विद्यार्थियों का गणित विषय में शैक्षिक स्तर न्यून मिलने पर जिलाधिकारी नाराज हुए। गणित के सवालों का जवाब नहीं वह नहीं दे पाए थे। 137 में से 98 की उपस्थिति रही। छह अध्यापक की तैनाती बताई गई।
कंपोजिट विद्यालय कूड़ामीरपुर के निरीक्षण में 292 में से 170 उपस्थित रहे। 10 अध्यापक, तीन अनुदेशक और दो शिक्षामित्र यहां तैनात हैं। कक्षा छह के छात्र सम विषम संख्या की पहचान नहीं कर पाए। साथ ही उन्होंने 17 और 19 का पहाड़ा सुना। कक्षा चार के बच्चों का शैक्षिक स्तर ठीक होने पर जिलाधिकारी ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि इसका अर्थ यह है कि प्राथमिक स्तर के बच्चों को ठीक से पढ़ाया जा रहा है और उच्च प्राथमिक के शिक्षक अपना काम गंभीरता से नहीं कर रहे हैं।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी बुद्ध प्रिय सिंह से ऐसे शिक्षकों पर सख्ती करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बच्चों के साथ बैठ कर खाना खाकर उसकी गुणवत्ता को परखा तथा रसोइयों को मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण खाना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मनरेगा पार्क, ओपन जिम में झूला और अन्य खेलने के उपकरणों को देखकर रखरखाव बेहतर करने के लिए जोर दिया। निरीक्षण के दौरान खण्ड शिक्षा अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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