अपने ही पैसे के लिए करनी पड़ी 74 मिनट पैरोकारी, फिर रिलीज हुआ विदेशी नागरिक का पैसा, जानें- पूरा मामला
कानपुर में यूएसए के नागरिक से ट्रेन में पैसे चोरी का मामला।
कानपुर के स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से यूएसए के नागरिक के पैसे चोरी में पुलिस ने दो कोंच अटेंडेंट को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें निलंबित भी कर दिया।
कानपुर, अमृत विचार। गत शनिवार को स्वतंत्रता सेनानी के एसी कूपे से यूएसए के नागरिक फेरेडून नैवी की चोरी हुई रकम की वापसी कराने के लिए जीआरपी ने अदालत के समक्ष 74 मिनट की दलील पेश की। पीड़ित ने लखनऊ से पुणे फ्लाइट और देश में वीजा अवधि का हवाला दिया। इसके बाद अदालत ने विदेशी नागरिक का बरामद हुआ 1960 डालर और 9500 रुपये पीड़ित की वापसी का आदेश जारी किया। जीआरपी ने आईआरसीटीसी को दो कोच अटेडेंट की गिरफ्तारी की रिपोर्ट भेजी तो दोनों को निलंबित कर दिया गया है।
मुजफ्फरपुर से कानपुर आने के लिए रिटायर इंजीनियर और विदेशी नागरिक फेरेडून नैवी का रास्ते में बैग कोच के अटेडेंट इंदिरा कालोनी, दरभंगा बिहार निवासी जीदान और मधुबनी बिहार निवासी कृष्णा पासवान और उसके एक तीसरे साथी ने मिलकर पार कर दिया था। बैग में 15000 रुपये, 1960 डालर थे। कंट्रोल की सूचना पर जीआरपी और आरपीएफ ने कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन के आने पर घेराबंदी की।
इसके बाद दो अटेडेंट को पकड़ कर उनके पास से 1960 डालर और 9500 भारतीय मुद्रा बरामद कर ली थी। जीआरपी ने अदालत में आरोपियों को पेश किया तो दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अदालत ने शनिवार की शाम लगभग सवा छह बजे मुकदमा माल वापसी का प्रार्थनापत्र दिया। अदालत ने साक्ष्य मांगें तो जीआरपी प्रभारी आरके द्विवेदी ने प्रमाण और तर्क दिए। बहस के बाद अदालत ने 74 मिनट बाद माल मुकदमा वापसी का आर्डर जारी कर दिया।
टिकट हुआ गुम तो पत्नी ने यूएसए से बुक कराई पुणे की टिकट
जीआरपी ने विदेशी नागरिक को कैब से उसे लखनऊ भिजवाया तो टिकट गुम होने की वजह से विदेशी नागरिक ने पत्नी को यूएसए फोन किया। पत्नी ने रविवार की सुबह लखनऊ से पुणे की फ्लाइट बुक करा टिकट को वाट्सएप पर भेज दिया।
