उम्मीद है हमारे अनुवाद कार्यक्रमों से और 'गीतांजलि श्री' निकलेंगी : ब्रिटिश काउंसिल प्रमुख
नई दिल्ली। भारत में ब्रिटिश काउंसिल की नई प्रमुख एलिसन बैरेट ने बुकर पुरस्कार विजेता गीतांजलि श्री और डेजी रॉकवेल की उपलब्धि को भारत में ब्रिटिश काउंसिल के अनुवाद कार्यक्रमों के लिए बड़ी प्रेरणा करार दिया। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का मकसद दुनिया को और गीतांजलि श्री देना है।
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इंडिया-यूके टुगेदर, सीजन ऑफ कल्चर (जून 2022-मार्च 2023) के तहत की जा रही साहित्यिक और सांस्कृतिक पहलों पर विस्तार से बात करते हुए बैरेट ने कहा कि ये पहलें दोनों देशों की रचनात्मक अर्थव्यवस्थाओं के लिए कलात्मक सहयोग, कौशल और नेटवर्क को मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।
एक साक्षात्कार में बैरेट ने कहा, “हम गीतांजलि श्री और डेजी रॉकवेल के काम और उनके द्वारा अर्जित सफलता से बहुत प्रभावित हैं। यह भारत के साथ-साथ ब्रिटेन के लिए भी एक शानदार पल है। हमें उम्मीद है कि हम दुनिया को और गीतांजलि श्री देने की कोशिश कर सकते हैं।” ब्रिटिश काउसिंल ‘पेन ट्रांसलेट्स’ का समर्थन कर रहा है। ‘पेन ट्रांसलेट्स’ भारतीय साहित्य के अनुवाद को प्रोत्साहित करने और ब्रिटिश प्रकाशकों के साथ काम करने वाले अनुवादकों के लिए आधार बनाने के वास्ते ‘इंग्लिश पेन’ द्वारा शुरू की गई एक परियोजना है।
बैरेट ने कहा कि ब्रिटिश काउंसिल का लक्ष्य विभिन्न देशों के लोगों के बीच आपसी विश्वास और समझ कायम करना है, जिसके लिए साहित्य और भाषा से बेहतर कोई दूसरा जरिया नहीं है। उन्होंने कहा, “हम भाषा और साहित्य के माध्यम से एक-दूसरे को और अपने आसपास की दुनिया को समझते हैं। हम वास्तव में उन आवाजों को आगे लाना चाहते हैं, जो अभी तक अनसुनी हैं।”
बैरेट ने बताया कि इस बाबत ब्रिटिश काउंसिल ने भारत स्थित बीईई बुक्स और ब्रिटेन के अनटोल्ड नरेटिव्स के साथ मिलकर ‘राइट असमीज’ परियोजना शुरू की है, जिसका मकसद भारतीय साहित्य के अनुवादित संस्करणों को समर्थन देना है। ‘राइट असमीज’ परियोजना नए, अलोकप्रिय असमिया लेखकों के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के लोकप्रिय असमिया लेखकों के साहित्यिक कार्यों पर केंद्रित है।
कहानी संग्रह ‘ए फिस्टफुल ऑफ मूनलाइट : स्टोरीज फ्रॉम असम’ इसी पहल की देन है, जिसे हाल ही में संपन्न जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) में जारी किया गया था। बैरेट ने कहा कि इस अभिनव परियोजना ने अंतरराष्ट्रीय पाठकों को नयी कहानियां उपलब्ध कराने के लिए असम में उच्च गुणवत्ता वाले अनुवादों को लगातार बढ़ावा दिया है।
उन्होंने बताया कि सीजन ऑफ कल्चर परियोजना को भारत और ब्रिटेन के युवा लोगों को आपस में जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। ब्रिटिश काउंसिल की प्रमुख ने कहा, “मजबूत सांस्कृतिक परंपराओं वाले उभरते कलाकारों, लेखकों और अनुवादकों को एक साथ आने का मौका मिला है। इस परियोजना का उद्देश्य उभरते युवा कलाकारों, लेखकों और अनुवादकों को अपना कौशल, ज्ञान और नेटवर्क बढ़ाने का अवसर प्रदान करना है।”
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