बरेली: शहर के 10 हजार परिवारों ने 22 घंटे रखा ई-उपवास

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली,अमृत विचार। सोशल मीडिया और टेलिविजन पर लोग घंटों बिता रहे हैं। परिवारों में हर कोई घंटों व्हाट्एप और फेसबुक पर चिपका रहता है। इससे परिवार में आपसी बातचीत और प्रेम-भाव का वो पहले जैसा सुखद वातावरण नहीं रह गया है। एक छत के नीचे रहते हुए भी सब वर्चुअल दुनिया में ऐसे मशगूल हैं …

बरेली,अमृत विचार। सोशल मीडिया और टेलिविजन पर लोग घंटों बिता रहे हैं। परिवारों में हर कोई घंटों व्हाट्एप और फेसबुक पर चिपका रहता है। इससे परिवार में आपसी बातचीत और प्रेम-भाव का वो पहले जैसा सुखद वातावरण नहीं रह गया है। एक छत के नीचे रहते हुए भी सब वर्चुअल दुनिया में ऐसे मशगूल हैं कि अपनों के बीच ही घुलमिल नहीं पा रहे हैं। जब सोशल मीडिया नहीं था तो भारतीय पारिवारिक परंपरा में सब परिजन एक-दूसरे से आपसी चर्चा किया करते थे। साथ बैठकर भोजन करने के साथ एक-दूसरे का सुख-दुख जानते थे। हास्य-विनोद हुआ करता था लेकिन यह सब अब गुम हो गया है।

इसीलिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन कुटुंब प्रबोधन ने नई पहल की- लोगों को 22 घंटे तक ई-उपवास दिलाकर। यानी शनिवार रात 12 बजे से रविवार रात 10 बजे तक लोगों से मोबाइल, टेलिविजन और इंटरनेट से दूर रहकर यह वक्त परिवार के साथ बिताने का आह्वान किया था। नतीजतन, संघ के ब्रज प्रांत के करीब डेढ़ लाख परिवारों में 22 घंटे का ई-उपवास रखा गया।

बरेली महानगर में करीब 10 हजार परिवारों में ई-उपवास के दौरान स्वयंसेवकों ने इस दौरान इंटरनेट और संचार के माध्यमों से दूरी बनाई रखी। इसके लिए उन्होंने फेसबुक और व्हाट्स एप स्टेटस पर अपने सारे शुभचिंतकों को ई-उपवास की सूचना पहले ही पोस्ट करके दे दी थी ताकि इस दौरान उनको कॉल नहीं किया जाए।

संघ की कुटुंब प्रबोधन के आह्वान पर स्वयंसेवकों ने रविवार को उपवास के दौरान परिवार के साथ सामूहिक भजन और भोजन किया। परिवार के वरिष्ठजन के साथ सभी सदस्यों ने परिवार की छह पीढ़ियों की विस्तार से चर्चा की। भगवान शिव की आरती और गाय को चारा खिलाया गया। 1 से 100 तक गिनती, कहानी, पुराने फोटो के एलबम देखने में वह वक्त बिताया, जो वे सोशल मीडिया पर बिताते थे।

परिवारों में बच्चों, बुजुर्गों एवं अन्य स्वजन संबंधियों से सहज हास्य-विनोद एवं चर्चा की। कुछ परिवारों में भजन पर नृत्य कला का भी प्रदर्शन किया गया। बौद्धिक खेल भी उपवास के दौरान किए गए। संघ के महानगर प्रचारक प्रमुख आलोक प्रकाश ने बताया कि ई उपवास कार्यक्रम में स्वयं सेवकों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है। इस नई पहल से परिवारों को अपनों के बीच नई ताकत मिलेगी।

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