HC ने कहा- APDR से याचिका पर अडाणी पावर लि. को दें विद्युत लाइन के लिए भूमि

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Edited By Amrit Vichar
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कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एपीडीआर से कहा कि वह जनहित याचिका की एक प्रति ‘अडाणी पावर लिमिटेड’ को मुहैया कराएं। याचिका में एपीडीआर ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल के फरक्का में कंपनी के कई विद्युत ट्रांसमिशन टावर का निर्माण जमीन के लिए उचित मुआवजे का भुगतान किए बिना किया गया।

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अडाणी पावर की ओर से वकील ने अदालत में दावा किया कि झारखंड के गोड्डा स्थित उसके संयंत्र से बांग्लादेश को बिजली के निर्यात के लिए पारेषण लाइन स्थापित करने की परियोजना का काम वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। कंपनी के अधिवक्ता अनुज सिंह ने अदालत के समक्ष कहा कि कंपनी को अभी तक एपीडीआर (एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स) से याचिका की प्रति नहीं मिली है।

मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति आर भारद्वाज की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को याचिका की एक प्रति कंपनी को मुहैया कराने का निर्देश दिया और मामले की सुनवाई के लिए 20 फरवरी की तारीख तय की। याचिकाकर्ता के वकील ने दावा किया कि टावर बनने के कारण आम और लीची बागान के करीब 35 मालिकों को आजीविका के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

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