Chitrakoot: Abbas Ansari मामले में पुलिस अधीक्षक ने की प्रेस कांफ्रेंस, बोलीं- जेल में अवैध गतिविधियों की मिल रही थी सूचना
चित्रकूट में निकहत प्रकरण में पुलिस अधीक्षक ने की प्रेस कांफ्रेंस।
चित्रकूट में निकहत प्रकरण में पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि कई दिन से जेल में अवैध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। गुपचुप तरीके से छापा मारने पर सनसनीखेज मामला सामने आया।
चित्रकूट, अमृत विचार। प्रशासन और पुलिस को कई दिन से जेल में अवैध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। जब गुपचुप तरीके से छापा मारा तो यह सनसनीखेज मामला सामने आया। पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने पत्रकारों को शनिवार को निकहत प्रकरण की जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि खुफिया सूत्रों से कई दिनों से जानकारी मिल रही थी कि जेल में अवैध रूप से गतिविधियां जारी हैं। कुछ लोग अवैधानिक रूप से जेल में मुलाकातें कर रहे हैं। इस पर शुक्रवार को उन्होंने और जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने निजी वाहन से जेल में छापा मारा। बताया कि छापे के दौरान पाया गया कि अब्बास अंसारी अपनी बैरक में नहीं थे। जब इस संबंध में जेलकर्मियों से कड़ाई से पूछतांछ की गई तो पता चला कि अब्बास को उनकी पत्नी निकहत से मुलाकात करने की अनुमति दी गई है और कारागार के कार्यालय के बगल के कमरे में मुलाकात होती है। यह भी बताया गया कि इसका विवरण मुलाकाती रजिस्टर में दर्ज नहीं किया जाता।
जब कमरे में जाकर देखा गया तो पति-पत्नी वहां मौजूद थे। उनके पास मोबाइल भी मिले, जो नियमविरुद्ध है। इनके पास से दो मोबाइल, सोने की ज्वैलरी और विदेशी मुद्रा साऊदी रियाल बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दंपति कब से मिल रहे थे, यह जांच के बाद सामने आएगा। आरोपियों को कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। बताया कि इस संबंध में प्रशासन और पुलिस विभाग के द्वारा गृह विभाग को रिपोर्ट भी भेजी गई है।
इस संबंध में अब्बास अंसारी उसकी पत्नी, चालक नियाज, जिला अधीक्षक कारागार अशोक कुमार सागर, उप कारागार अधीक्षक सुशील कुमार कांस्टेबल जगमोहन और ड्यूटी पर तैनात कारागार के कर्मचारीगण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।जांच में कारागार विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
