मुरादाबाद: छजलैट प्रकरण में सोमवार को फैसला सुना सकती है अदालत
जनवरी 2008 में आजम खां के खिलाफ छजलैट थाने में दर्ज हुआ था केस, बहस पूरी होने के बाद स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला
मुरादाबाद, अमृत विचार। छजलैट प्रकरण में अदालत सोमवार को फैसला सुना सकती है। इस मामले में एक फरवरी को बहस पूरी हो चुकी है। अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। आजम खां, उनके बेटे और अन्य सपाइयों के खिलाफ यह मुकदमा 29 जनवरी 2008 में दर्ज कराया गया था।
उल्लेखनीय है कि छजलैट पुलिस ने 29 जनवरी 2008 को सपा के पूर्व मंत्री और रामपुर के पूर्व विधायक आजम खां की कार को चेकिंग के लिए रोका था। इससे गुस्साए आजम खां सड़क पर बैठ गए थे। जानकारी मिलते ही आसपास के जिलों से सपा के अन्य नेता भी मौके पर पहुंच गए थे। आजम खां और उनके साथियों पर सड़क जाम करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, भीड़ को उकसाने आदि के आरोप में कार्रवाई की गई थी।
इस मामले की सुनवाई स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में चल रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि एक फरवरी को दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने आदेश के लिए 13 फरवरी की तारीख लगाई थी।
उधर आजम खां के अधिवक्ता सैयद शिब्तेन रजा ने बताया कि आजम खां के खिलाफ स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में अदालत की अवमानना का मुकदमा भी चल रहा है। यह मुकदमा भी 2020 में छजलैट थाने में ही दर्ज किया गया था। पिछले सोमवार को आजम खां ने अदालत में पेश होकर साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा था। अदालत ने साक्ष्य पेश करने के लिए आजम खां को 20 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।
ये भी पढ़ें:- मुरादाबाद: बाल विवाह रोकने के लिए प्रोबेशन विभाग ने की पहल
