महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी का इस्तीफा मंजूर, नए राज्यपाल की कमान संभालेंगे रमेश बैस 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। उनकी जगह रमेश बैस को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को साल 2019 में महाराष्ट्र का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उससे पहले कोश्यारी नैनीताल के सांसद भी रह चुके हैं। महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल सी रविशंकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें यहां का नया राज्यपाल बनाया गया था। 

आपको बता दें कि कोश्यारी का जन्म 17 जून 1942 को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले स्थित चेताबागड़ गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा अल्मोड़ा में पूरी की और उसके बाद उन्होंने आगरा यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहित्य में आचार्य की उपाधि प्राप्त की। नवंबर 2000 में उत्तराखंड को देश का 27 वां राज्य बनाया गया। उस समय पहले मुख्यमंत्री रहे नित्यानंद स्वामी की सरकार में कोश्यारी को ऊर्जा मंत्री बनाया गया था।

इसके बाद अक्टूबर 2001 में भाजपा आलाकमान ने कोश्यारी को स्वामी के उत्तराधिकारी के रूप में मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी सौंपी। कोश्यारी केवल पांच महीने ही मुख्यमंत्री रहे। साल 2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को पराजित कर कांग्रेस सत्ता में आ गई।

उसके बाद 2002 से 2007 तक वे उत्तराखंड विधानसभा में नेता विपक्ष भी रहे। वर्ष 2008 से 2014 तक वे उत्तराखंड से राज्यससभा के सदस्य चुने गए थे। भगत सिंह कोश्यारी आरएसएस के काफी नजदीकी रहे हैं। 

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

कानपुर में लोन डिफॉल्ट पर एक्शन : बैंक ने लगाया लैदर फैक्ट्री पर ताला, बकाया न चुकाने पर लिया कब्जा
Barabanki News: श्रावण से पहले शिव मंदिरों की विद्युत सुरक्षा दुरुस्त करने के निर्देश, डीएम बोले- लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी
NEET विवाद: सरकार-CJP वार्ता के बाद बढ़ी उम्मीदें, सरकार ने मानी 3 में से 2 मांगे; क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा?
Gonda News:चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म
CJP Protest: सीजेपी-सरकार वार्ता खत्म, तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फैसला कल संभव