PM का पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य एक मजाक; और बड़ा लक्ष्य होना चाहिए था: केसीआर

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Edited By Amrit Vichar
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हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने भारत को पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को एक ‘मजाक’ करार देते हुए रविवार को कहा कि यह (लक्ष्य) और अधिक रखना चाहिए था। राज्य विधानसभा में विनियोग विधेयक पर हुई बहस का जवाब देते हुए राव ने मोदी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पूरे देश को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री संसद में अडाणी मुद्दे पर कुछ बोलेंगे, लेकिन उन्हें हताशा मिली।

मुख्यमंत्री ने एक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित एक आलेख का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में ‘लाइसेंस राज’ था, जबकि मौजूदा सरकार में ‘साइलेंस राज’ (खामोश शासन) है। उन्होंने कहा, मोदी ने कहा था कि वर्ष 2023-24 में भारत की अर्थव्यवस्था पांच लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी। यह पांच लाख करोड़ (की अर्थव्यवस्था) मजाक बनकर रह गई है। कम से कम हमारा लक्ष्य बड़ा होना चाहिए था। मौजूदा लक्ष्य खुद में बहुत कम है, जिसमें से केवल 3.5 लाख करोड़ डॉलर का लक्ष्य ही हासिल किया जा सका है। 

केंद्र में पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) और मौजूदा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकारों की तुलना करते हुए राव ने कहा कि देश को प्रत्येक क्षेत्र में नुकसान हुआ है, खासतौर पर तेलंगाना को राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के रूप में तीन लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राजग गठबंधन पर निशाना साधते हुए राव ने कहा, भारतीय बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने भी कंपनी (अडाणी की) में निवेश किया है। पूरी दुनिया की नजरें मोदी की ओर थी कि वह (अडाणी के मुद्दे) क्या बोलेंगे। उन्होंने इस विषय पर एक शब्द तक नहीं कहा। वह इधर-उधर की बातें करते रहें। 

भारत के दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की खिल्ली उड़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए प्रति व्यक्ति आय पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में बांग्लादेश और भूटान जैसे देश भी भारत से आगे हैं। राव ने 2002 के गुजरात दंगों पर हाल में एक विवादित वृत्तचित्र प्रसारित करने किये जाने को लेकर बीबीसी के खिलाफ पाबंदी लगाने की मांग करते हुए कुछ लोगों के उच्चतम न्यायालय का रुख करने को गलत करार दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजग सरकार सार्वजनिक उपक्रमों के अंतहीन निजीकरण में जुटी हुई है।

मुख्यंमंत्री ने आरोप लगाया कि ऐसा लग रहा है कि केंद्र सरकार की यह नीति बन गई है कि नुकसान का सामाजीकरण और लाभ का निजीकरण किया जाए। उन्होंने कहा, मोदी कहते हैं कि सरकार का काम कारोबार करना नहीं है। मैं कहता हूं कि सरकार को पूरा अधिकार है कि जहां जरूरत है, वहां वह कारोबार करे। सरकार द्वारा कारोबार नहीं करने का अभिप्राय अपनी जिम्मेदारियों से भागना है, जो भारत की जनता ने उसे दिया है। हमें जिम्मेदारियों को साझा करना चाहिए, उससे दूर नहीं भागना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा नए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने का भी माखौल उड़ाते हुए कहा कि देश में राजधानी एक्सप्रेस जैसी बेहतर ट्रेन पहले से है। इस बीच, तेलंगाना विधानसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। 

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